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तीसरे चरण के उम्मीदवारों में से 25फीसदी करोड़पति और 21फीसदी कर रहे हैं आपराधिक आरोपों का सामना

फैजी नूर अहमद,
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मुंबई: लोकसभा चुनाव के तीसरे चरण में चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों में से 340 (21 फीसदी) ने घोषणा की है कि वे आपराधिक मामलों का सामना कर रहे हैं, जिनमें से 230 (14 फीसदी) पर गंभीर आपराधिक आरोप हैं। यह जानकारी ‘एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स’ (एडीआर) द्वारा हलफनामों पर किए गए विश्लेषण में सामने आई है। आंकड़े तीसरे चरण में चुनाव लड़ रहे 1,612 उम्मीदवारों में से 1,594 के हलफनामों से आए हैं। 18 उम्मीदवारों के हलफनामे अवैध थे या अपूर्ण थे। 1,594 उम्मीदवारों में से 392 (25 फीसदी), जिनके हलफनामों का अध्ययन किया गया था, उनके पास 1 करोड़ रुपये या उससे अधिक की संपत्ति है। प्रमुख दलों में, भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी), कांग्रेस और समाजवादी पार्टी में करोड़पति उम्मीदवारों के उच्चतम अनुपात हैं। सपा में 90 फीसदी, बीजेपी में 84 फीसदी और कांग्रेस में 82 फीसदी।

 

सभी उम्मीदवारों में से लगभग 43 फीसदी ने घोषणा किया है कि उनके पास ग्रैजुएशन की डिग्री या उससे ऊपर है, जबकि 3.6 फीसदी ने बताया है कि वे सिर्फ साक्षर हैं और 1.4 फीसदी निरक्षर हैं।

 

एक तिहाई से अधिक उम्मीदवारों की आयु 25 से 40 वर्ष के बीच है, जबकि लगभग आधे उम्मीदवार 41 से 60 वर्ष के बीच हैं।

 

23 अप्रैल, 2019 को तीसरे चरण का मतदान शुरू हुआ। 18 उम्मीदवारों के हलफनामों का विश्लेषण नहीं हो पाया, क्योंकि वे ठीक से स्कैन नहीं किए गए थे या अपूर्ण थे।

 

आपराधिक मुकदमें

 

गंभीर आपराधिक आरोपों का सामना कर रहे 230 उम्मीदवारों में से 14 ने घोषित किया है कि उन्हें पूर्व में दोषी ठहराया जा चुका है। दोषी ठहराए गए व्यक्तियों को सजा की तारीख से छह साल तक चुनाव लड़ने से वंचित किया जाता है, लेकिन केवल तभी अगर उनकी सजा की अवधि दो साल की कैद या उससे अधिक हो।

 

कांग्रेस के उम्मीदवारों में, 27 फीसदी (90 में से 24) गंभीर आपराधिक आरोपों का सामना करते हैं। बीजेपी के 27 फीसदी (97 में से 26) उम्मीदवारों पर गंभीर आपराधिक आरोप हैं। बहुजन समाज पार्टी के 10 फीसदी ( 92 में से 9 ) पर गंभीर आपराधिक आरोप हैं, शिवसेना के 27 फीसदी ( 22 में से 6 ), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के 32 फीसदी (19 में से 6), राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के 50 फीसदी ( 10 में से 5 ), समाजवादी पार्टी के 40 फीसदी (10 के 4), और अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस के 44 फीसदी (9 में से 4) उम्मीदवारों पर गंभीर आपराधिक आरोप हैं। एडीआर के विश्लेषण से पता चलता है कि 13 उम्मीदवारों ने घोषित किया कि वे हत्या से संबंधित मामलों का सामना कर रहे हैं। 30 पर हत्या के प्रयास से संबंधित मामले हैं, 14 पर अपहरण से संबंधित मामले, 29 के खिलाफ महिलाओं के खिलाफ अपराध से संबंधित और 26 घृणास्पद भाषण से संबंधित हैं।  प्रमुख दलों में, 44 फीसदी (90 का 40) कांग्रेस उम्मीदवारों ने अपने खिलाफ आपराधिक मामले घोषित किए हैं। बीजेपी के 39 फीसदी (98 में से 38) उम्मीदवार, और बीएसपी के 17 फीसदी ( 92 में से 16) उम्मीदवारों ने अपने खिलाफ आपराधिक मामले घोषित किए हैं।

 

दूसरे चरण में, 16 फीसदी आपराधिक आरोपों का सामना कर रहे थे, और पहले चरण के उम्मीदवारों में, 17 फीसदी उम्मीदवार आपराधिक आरोपों का सामना कर रहे थे, जैसा कि  इंडियास्पेंड ने 17 अप्रैल, 2019 और 11 अप्रैल, 2019 की रिपोर्ट में बताया है।

 

 आपराधिक आरोपों का सामना करने वाले उम्मीदवारों का उच्चतम अनुपात राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) से है। 60 फीसदी (10 में से 6) आपराधिक आरोपों का सामना कर रहे हैं।

 

आपराधिक आरोपों के अनुसार, लोकसभा चुनाव के तीसरे चरण के उम्मीदवार


 
1 करोड़ या उससे अधिक की संपत्ति
 

25 फीसदी उम्मीदवारों ने 1 करोड़ रुपये या उससे अधिक की संपत्ति की घोषणा की है।

 

प्रमुख दलों में, कांग्रेस के 90 उम्मीदवारों में से 74 (82 फीसदी), बीजेपी के 97 उम्मीदवारों में से 81 (84 फीसदी), बसपा के 12 (13 फीसदी) उम्मीदवार, सपा के 10 उम्मीदवारों में से 9 (90 फीसदी), सीपीआई (एम) के 19 उम्मीदवारों में से 10 (53 फीसदी), शिवसेना के 22 उम्मीदवारों में से 9 (41 फीसदी) और एनसीपी के 10 उम्मीदवारों में से 7 (70 फीसदी) ने 1 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति घोषित की है।

करोड़पति उम्मीदवारों की संख्या वाले शीर्ष तीन राज्य गुजरात, महाराष्ट्र और कर्नाटक हैं। गुजरात के 75 उम्मीदवार, महाराष्ट्र के 71 और कर्नाटक के 46 उम्मीदवारों के पास 1 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति है।

 

जो उम्मीदवार करोड़पति हैं…

 

संपत्ति के मामले में तीन सबसे अमीर उम्मीदवार- उत्तर प्रदेश के एटा निर्वाचन क्षेत्र से समाजवादी पार्टी के देवेंद्र सिंह यादव हैं, जिनकी कुल संपत्ति 204 करोड़ रुपये से अधिक है, महाराष्ट्र के सतारा निर्वाचन क्षेत्र से राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के उदयनराजे भोसले, जिनकी कुल संपत्ति 199 करोड़ रुपये से अधिक है और प्रवीण सिंह एरन उत्तर प्रदेश के बरेली निर्वाचन क्षेत्र से हैं, जिनके पास कुल संपत्ति 147 करोड़ रुपये से अधिक है।

 

व्यक्तिगत धन के अनुसार लोक सभा चुनावों के तीसरे चरण के उम्मीदवार


 

पिछले वित्तीय वर्ष के दौरान सबसे अधिक घोषित आय वाले शीर्ष तीन उम्मीदवार ओडिशा और महाराष्ट्र से हैं। ओडिशा के पुरी से चुनाव लड़ रहे बीजू जनता दल के पिनाकी मिश्रा ने 24 करोड़ रुपये से अधिक की आय घोषित की। मिश्रा ने अधिवक्ता के पेशे को आय के स्रोत के रूप में उल्लेख किया है।

 

 महाराष्ट्र के बारामती से राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के सुप्रिया सदानंद सुले ने 1 करोड़ रुपये से अधिक की आय घोषित की है। उन्होंने व्यवसाय को अपनी आय का स्रोत बताया है। महाराष्ट्र के मदहा से बीजेपी के हिंडुरो नाइक निंबालकर के पास 3 करोड़ रुपये से अधिक की आय घोषित की है और इसके स्रोत के रूप में व्यवसाय और कृषि बताया है।

 

11 उम्मीदवार ऐसे हैं जिन्होंने कोई संपत्ति घोषित नहीं की है। जिस उम्मीदवार ने सबसे कम संपत्ति घोषित की है (शून्य संपत्ति के उम्मीदवारों को छोड़कर) वह केरल के वायनाड निर्वाचन क्षेत्र से एक स्वतंत्र उम्मीदवार श्रीजिथ पीआर हैं, जिसने 120 रुपये का बैंक बैलेंस घोषित किया है।

 

महाराष्ट्र के पुणे निर्वाचन क्षेत्र से निर्दलीय उम्मीदवार जॉनसन वसंत कोल्हापुर ने 207 रुपये की घोषणा की है।

 

शैक्षणिक योग्यता

 

1,594 उम्मीदवारों में से, 788 (49 फीसदी) ने अपनी शैक्षणिक योग्यता 5 वीं और 12 वीं कक्षा के बीच होने की घोषणा की है, जबकि 681 (43 फीसदी) उम्मीदवारों के पास ग्रैजुएट की डिग्री या उससे ऊपर है। 57 (3.6 फीसदी) उम्मीदवारों ने घोषित किया कि वे सिर्फ साक्षर हैं और 23 (1.4 फीसदी) निरक्षर हैं।

 

शैक्षिक योग्यता के अनुसार, लोक सभा चुनाव के तीसरे चरण के उम्मीदवार


 

उम्र प्रोफाइल

 

एक तिहाई (35फीसदी) या 1,594 उम्मीदवारों में से 562, 25-40 वर्ष के समूह में हैं, जबकि लगभग आधे (48 फीसदी), या 760 उम्मीदवार 41-60 आयु वर्ग के हैं, जैसा कि एडीआर द्वारा हलफनामों पर किए गए विश्लेषण से पता चलता है।

 

उम्र-समूह के अनुसार लोकसभा चुनाव के तीसरे चरण के उम्मीदवार


 

265 (17 फीसदी) उम्मीदवारों ने समूह में अपनी आयु 61-80 वर्ष घोषित की है, जबकि तीन उम्मीदवार 80 वर्ष से अधिक आयु के हैं। चार उम्मीदवारों ने अपनी उम्र नहीं दी है।

 

 जेंडर प्रोफाइल

 

1,594 उम्मीदवारों में से 143 (9 फीसदी) महिला उम्मीदवार हैं। थर्ड जेंडर से एक उम्मीदवार और 1,450 (91 फीसदी) पुरुष उम्मीदवार लोकसभा चुनाव के तीसरे चरण में चुनाव लड़ रहे हैं।

 

जेंडर अनुसार लोकसभा चुनाव के तीसरे चरण में शामिल उम्मीदवार


 

( अहमद इंडियास्पेंड में इंटर्न हैं। )

 

यह लेख मूलत: अंग्रेजी में 23 अप्रैल, 2019 को indiaspend.com पर प्रकाशित हुआ है।

 

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