Home » #Breathe: हमारी वायु की गुणवत्ता » दिल्ली की प्रदूषित होती हवा: एयर क्वालिटी इंडेक्स

दिल्ली की प्रदूषित होती हवा: एयर क्वालिटी इंडेक्स

इंडियास्पेंड,
Views
3874

620 aqi

नई दिल्ली में ट्रैफिक सिगनल के पास धूल और मिट्टी से बचने के लिए मास्क पहने  एक यातायात पुलिसकर्मी। 23 दिसंबर को आधिकारिक तौर पर राजधानी दिल्ली को ‘ साल की सबसे प्रदूषित दिन दर्ज किया गया’ था।

 

23 दिसंबर को आधिकारिक तौर पर नई दिल्ली का ‘वर्ष का सबसे प्रदूषित दिन’ बताया गया है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) ने कहा है कि दिल्ली में बुधवार को वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 430-435 था जो कि जो ‘ गंभीर ‘ श्रेणी में माना जाता है।

 

एक बात जो सामान्यतः ज्ञात नहीं है वह यह है कि, शहर के कई इलाकों में AQI नियमित रूप से 500 से अधिक है लेकिन सीपीसीबी अपनी वेबसाइट पर केवल 500 की अधिकतम AQI मान प्रदर्शित करता है । उद्हारण के लिए, आनंद विहार पर सरकारी AQI ने 23 दिसंबर को न्यूनतम , अधिकतम और औसत AQI स्तर 500 दिखाया है।

 

AQI मूल्य पर पहुंचने के लिए, अनुश्रवण होने वाले अन्य प्रदूषकों में से, PM2.5 है, जो 2.5 माइक्रोमीटर या उससे कम की व्यास के साथ हवा में पाया जाने वाला कण हैं, और मनुष्य के लिए सबसे बड़ा खतरा पैदा करने के लिए जाना जाता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ( डब्ल्यूएचओ) के अनुसार उनके माप , वायु प्रदूषण से स्वास्थ्य जोखिम के स्तर का सबसे अच्छा संकेत माना जाता है।

 

सभी प्रदूषकों में PM2.5 सबसे अधिक घातक है जबकि PM10 दिल्ली में हवा की गुणवत्ता की मौजूदा गिरावट का कारण प्रतीत होता है।  2.5 और 10 माइक्रोमीटर के बीच व्यास के साथ PM10  या अशिष्ट कण, मुख्य रूप से खेती , कारखानों और सड़कों से निकलने वाले मिट्टी और धूल से बने होते हैं और चट्टानों और मिट्टी की पेराई के कारण बनती है।

 

AQI Category, By PM10 Levels
PM10 Level AQI Category
0-50 Good (0-50)
51-100 Satisfactory (51-100)
101-250 Moderate (101-200)
251-350 Poor (201-300)
351-430 Very Poor (301-400)
430+ Severe (401-500)

Source: Central Pollution Control Board; PM10 levels in micrograms per cubic metre (µg/m³)

 

नई दिल्ली में वायु की निगरानी करने वाले स्टेशनों के पांच स्थानों के विश्लेषण से पता चलता है कि 23 दिसंबर को सभी स्थानों पर AQI स्तर, गंभीर स्तर से ऊपर थे। गुड़गांव में PM10 का स्तर दर्ज किया गया था जोकि AQI 500 की सीपीसीबी की ‘ गंभीर ‘ रेटिंग से 45 फीसदी अधिक है और विश्व स्वास्थ्य संगठन के 50 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर के सुरक्षित हवा दिशानिर्देश से 11 से 14 गुना अधिक है।

दिल्ली में AQI उप सूचकांक – PM2.5

दिल्ली में AQI उप सूचकांक – PM10 22 दिसंबर से 23 दिसंबर

 

अब तक, इंडियास्पेंड के #Breathe निगरानी स्टेशनों ने AQI  मूल्यों का अधिकतम 500 दिखाया है, जोकि सीपीसीबी के दिशा-निर्देशों में प्रदान AQI ब्रेकप्वाइंट पर आधारित है ( पेज 18 / टेबल 3.2, सीपीसीबी द्वारा राष्ट्रीय वायु गुणवत्ता सूचकांक )।

 

AQI Associated Health Impacts
Good (0-50) Minimal impact
Satisfactory (51-100) Minor breathing discomfort to sensitive people
Moderately polluted (101–200) Breathing discomfort to people with sensitive lungs, asthma and/or heart diseases
Poor (201-300) Breathing discomfort to most people on prolonged exposure
Very poor (301-400) Respiratory illness on prolonged exposure
Severe (401-500) Affects healthy people and seriously impacts those with existing diseases

Source: Central Pollution Control Board

 

जैसा कि उपर दिखाया गया है, भारत के लिए अपनाए गए AQI वर्णन श्रेणियों में अधिकतम AQI रेंज 401 से 500 के बीच का है। इसलिए, उद्हारण के तौर पर सीपीसीबी द्वारा बनाए गए 600 या 700 का AQI स्तर अस्पष्ट है।

 

दिल्ली में लगातार ‘ गंभीर ‘ श्रेणी की स्थिति का अनुभव किया जा रहा है, जोकि पिछले कुछ दिनों से 500 की AQI ब्रेकप्वाइंट पर जा रहा है, अब 500 पर AQI मूल्यों को ही नहीं बल्कि दिए गए जगहों पर वास्तविक AQI उप सूचकांक मूल्यों को प्रदर्शित करने के लिए अनुबद्ध किया है।

 

यह अन्य वैश्विक AQI पहल , जैसे कि aqicn.org द्वारा उठाए गए दृष्टिकोण के साथ लाइन में भी है, जो AQI उप सूचकांक दिखाते हैं एवं उनके नक्शे पर प्राथमिक प्रदूषक निशान दिखाता है।

 

यदि सरकार निर्माण स्थलों, गड्ढों की भराई और सड़कों के लिए धूल नियंत्रण की शुरुआत करती है तो दिल्ली को लाभ होगा । कैलिफोर्निया ईपीए भी PM10 के उत्सर्जन के स्रोतों को नियंत्रित करने के लिए हवा से निकलने वाले धूल को कम करने के लिए भूदृश्य निर्माण, बाधा प्रणाली, बाड़ लागाने का इस्तेमाल करते हैं।

 

( यह लेख मूलत: अंग्रेज़ी में 26 दिसंबर 2015 को indiaspend.com पर प्रकाशित किया गया है। )

__________________________________________________________________

 

“क्या आपको यह लेख पसंद आया ?” Indiaspend.com एक गैर लाभकारी संस्था है, और हम अपने इस जनहित पत्रकारिता प्रयासों की सफलता के लिए आप जैसे पाठकों पर निर्भर करते हैं। कृपया अपना अनुदान दें :

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*

code