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एक दशक में विश्व बैंक के छह शासन संकेतक में से केवल एक में भारत की प्रगति

विपुल विवेक,

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भ्रष्टाचार को छोड़कर, विश्व बैंक के वैश्विक शासन संकेतकों पर भारत की स्थिति या तो खराब हो गई है या 10 वर्षों से 2016 तक अपरिवर्तित रहे हैं। यह जानकारी विश्व बैंक के आंकड़ों में सामने आई है।

 

पिछले एक दशक से 2016 तक, भारत ने अपनी रैंकिंग में 13 पदों का सुधार किया है। विश्व बैंक के भ्रष्टाचार सूचक पर 214 क्षेत्रों में से भारत का स्थान 124 से 111 पर आया है। यह सूचकांक 1996 से शुरु हुआ और 2003 तक हर दो साल पर जारी किया जाता था। वर्ष 2003 से यह हर साल जारी किया जाता है। सरकार की प्रभावशीलता में 89 से 90 और राजनीतिक स्थिरता में 180 से 181, यानी प्रत्येक क्षेत्र में भारत एक स्थान नीचे गिरा है, जबकि कानून के नियम पर आठ स्थान नीचे (92 से 100) और विनियामक गुणवत्ता पर तीन स्थान नीचे गिरा है और सार्वजनिक संस्थानों की जवाबदेही पर कोई परिवर्तन नहीं हुआ है।

 

How India’s Position Changed In Governance Indicators, 2007-16
Indicator Difference in rank
Control of Corruption -13
Government Effectiveness 1
Political Stability and Absence of Violence/Terrorism 1
Regulatory Quality 3
Rule of Law 8
Voice and Accountability 0

Source: World Bank

 

इन सूचकांक को एक साथ रखने वाले शोधकर्ताओं, डैनियल कौफमैन (एक वैश्विक संस्था, नैचुरल रिसोर्सेस गवर्नेंस इंस्टिट्यूट के अध्यक्ष) और आर्ट क्रेय और मासीमो मस्त्रुज्जी (विश्व बैंक के अर्थशास्त्री) के अनुसार  “छह संकेतक ‘मजबूत ढंग से सकारात्मक सह-संबंधित हैं’ और किसी भी एक-दूसरे तरह से स्वतंत्र होने के रूप में नहीं सोचा जाना चाहिए।”

 

दक्षिण एशिया के नौ देशों में राजनीतिक स्थिरता पर भारत दो स्थान नीचे गिरा है। भारत छठे स्थान से चौथे स्थान पर आया है। इन नौ देशों में  अफगानिस्तान, बांग्लादेश, भूटान, ईरान, मालदीव, नेपाल, पाकिस्तान और श्रीलंका शामिल हैं।

 

पिछले एक दशक से वर्ष 2016 तक भारत अन्य सभी संकेतकों पर टॉप तीन पर रहा है और जावबदेही पर  पर सर्वश्रेष्ठ रहा है।

 

Source: World Bank
Note: Percentile rank indicates the country’s rank among all countries covered by the aggregate indicator, with 0 corresponding to lowest rank, and 100 to highest rank

 

वर्ष 1996 में शुरु किया गया विश्व बैंक की विश्वव्यापी शासन संकेतक छह आयामों पर 214 से अधिक क्षेत्रों के लिए कुल व्यक्तिगत प्रशासन संकेतक की सूचना देता है।

 

भ्रष्टाचार पर नियंत्रण निजी लाभ के लिए सार्वजनिक ऊर्जा का उपयोग करने वाली सीमा तक की धारणा को दर्शाती है, साथ ही अभिजात वर्गों और निजी हितों द्वारा राज्य के ‘कब्जे’ को भी दिखाती है।

 

सरकारी प्रभावशीलता सार्वजनिक सेवाओं की गुणवत्ता, नागरिक सेवा की गुणवत्ता और राजनीतिक दबाव से अपनी आजादी, नीति तैयार करने और कार्यान्वयन की गुणवत्ता और ऐसी नीतियों के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता की विश्वसनीयता को दर्शाती है।

 

राजनीतिक स्थिरता और हिंसा के अभाव, राजनीतिक अस्थिरता की संभावना की धारणा और / या आतंकवाद सहित राजनीतिक रूप से प्रेरित हिंसा को मापता है।

 

जनता की आवाज और उत्तरदायित्व उन धारणाओं की सीमा आकलन करती है, जिनके लिए एक क्षेत्र के नागरिक अपनी सरकार चुनने और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, संघ की स्वतंत्रता और स्वतंत्र मीडिया में भाग ले सकते हैं।

 

विनियामक गुणवत्ता सरकार की क्षमता के बारे में धारणाओं को समझती है जो सार्वजनिक नीति के विकास और निजी क्षेत्र के विकास को बढ़ावा देने वाली ध्वनि नीतियों और विनियमों को तैयार करने और लागू करने के लिए है।

 

कानून का नियम उस सीमा तक की धारणा से संबंधित है, जिसमें एजेंटों को समाज के नियमों में विश्वास और पालन करना है, विशेष रूप से अनुबंध प्रवर्तन, संपत्ति के अधिकार, पुलिस और अदालतों की गुणवत्ता के साथ-साथ अपराध की संभावना और हिंसा भी शामिल है।

 

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(विवेक विश्लेषक हैं और इंडियास्पेंड से जुड़े हैं।)

 

यह लेख मूलत: अंग्रेजी में 5 दिसंबर 2017 को indiaspend.com  पर प्रकाशित हुआ है।

 

 

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