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जयललिता की विरासत औद्योगिक विकास, सामाजिक न्याय और अपराध नियंत्रण में दूसरे राज्यों से आगे

प्राची सालवे,

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तमिलनाडु की 19वीं मुख्यमंत्री जे जयललिता का 5 दिसंबर की देर रात निधन हो गया। वह राज्य की 11वीं, 14वीं, 16वीं और 18वीं मुख्यमंत्री भी रहीं। जयललिता अपने 7.2 करोड़ लोगों को मुफ्त उपहार बांटने के रिकॉर्ड के लिए जानी जाती हैं। लेकिन जयललिता अपने पीछे एक ऐसा राज्य छोड़ गई हैं जो कई तरह के सामाजिक अपराध और औद्योगिक संकेतकों में भारत के टॉप पांच राज्यों में से एक है।

 

कई तरह के आंकड़े और जानकारियों पर इंडियास्पेंड द्वारा किए गए विश्लेषण से पता चलता है कि भारत में सबसे कम प्रजनन दर तमिलनाडु में ही है। तमिलनाडु के आंकड़े ऑस्ट्रेलिया, फिनलैंड और बेल्जियम की तुलना में भी कम हैं। साथ ही शिशु मृत्यु दर और मातृ मृत्यु दर के मामले में भी तमिलनाडु की स्थिति अच्छी है। शिशु मृत्यु दर और मातृ मृत्यु दर यहां बेहद कम है और यह राज्य दूसरे स्थान पर है।

 

इसके अलावा महिलाओं और बच्चों के खिलाफ सबसे कम अपराध दर का रिकॉर्ड भी तमिलनाडु के नाम है। तमिलनाडु में कल-कारखानों की संख्या में ज्यादा है और किसी भी अन्य भारतीय राज्यों की तुलना में यहां अधिक औद्योगिक रोजगार के अवसर ज्यादा हैं।

 

हालांकि,  जयललिता के शासन काल में मुफ्त उपहार बांटने की जो संस्कृति विकसित हुई, उसकी लागत बहुत ज्यादा है। नवंबर 2015 के राज्य के बजट पर इंडियास्पेंड के विश्लेषण के अनुसार, पिछले पांच वर्षों में (2015 तक) राज्य के कर्ज में 92 फीसदी की वृद्धि हुई है।

 

तमिलनाडु के स्वास्थ्य संकेतक
Indicator Score All India Rank
Infant Mortality Rate (deaths per 1,000 live births) 21 2nd (best – Kerala 12; worst – Madhya Pradesh 54)
Maternal Mortality Rate (deaths of mothers per 100,000 births) 90 2nd (best – Kerala 66; worst – Uttar Pradesh 392)
Fertility rate (average children per woman) 1.7 1st (best, along with Punjab 1.7, worst – Bihar 3.5)

Sources: National Health Mission

 

वैसे,तमिलनाडु में शिक्षा का स्तर हमेशा भारतीय औसत से ज्यादा रहा है। यहां यह याद करना भी जरूरी है कि मुख्यमंत्री के रूप में जयललिता के 15 साल के कार्यकाल के दौरान इस राज्य में शिक्षा में तेजी से सुधार हुआ।

 

तमिलनाडु का शिक्षा संकेतक
Indicator Score All India Rank
Gross Enrolment Ratio (Students enrolled as %age of children eligible for primary school), or GER, girls 104.3 6th (best – Meghalaya 143.1; worst – Andhra Pradesh 84.05)
GER (Total) 103.8 6th (best – Meghalaya 140.9; worst -Andhra Pradesh 84.48)
Net Enrolment Ratio (Students enrolled as %age of population of that age group), NER, girls 91.3 6th (best – Mizoram 99; worst – Andhra Pradesh 73.03 )
NER (Total) 90.9 6th (best – Mizoram 97.6; worst – Andhra Pradesh 72.10 )
Pupil-Teacher Ratio (students per teacher) 18 13th (best – Sikkim 5; worst – Bihar 36)
Literacy Rate (%) 80.3 14th (best – Kerala 93.9; worst – Bihar 63.82 )
Female Literacy Rate (%) 73.8 15th (best – Kerala 91.9; worst – Rajasthan 52.66 )

Sources: Census 2011,  District Information System for Education, 2015-16Note: GER exceeds 100% because of grade repetition and entry at ages younger or older than the typical age at that grade level

 

हालांकि, तमिलनाडु में जाति के आधार पर नियमित रूप से हिंसा और भेदभाव की घटनाएं सामने आती रही हैं, लेकिन राज्य में अपराध दर,  विशेष रूप से महिलाओं और बच्चों से जुड़ी अपराध की घटनाएं भारत के सबसे कम है।

 

तमिलनाडु का अपराध संकेतक
Indicator Score All India Rank
Crime rate against women (crimes registered per 100,000 people) 17 Lowest (second – Sikkim 17.6, worst – Assam 148.2)
Crime rate against children 13 Second lowest (best – Manipur 11.4; worst – Mizoram 50.1)
Crime rate against scheduled castes 12.3 Third lowest (best – Manipur 0; worst – Rajasthan 57.3)

Source: National Crime Records Bureau, 2015

 

उद्योगों के वार्षिक सर्वेक्षण 2013-14 के अनुसार, जहां तक औद्योगिक विकास का संबंध है, किसी अन्य भारतीय राज्य की तुलना में तमिलनाडु में कारखानों की संख्या अधिक है। राज्य में करीब 37,378 कारखाने हैं। इसी संबंध में 29,123 कारखानों की संख्या के साथ महाराष्ट्र दूसरे स्थान पर है। जबकि 22,876 कारखानों के साथ गुजरात तीसरे स्थान पर है। किसी भी अन्य राज्य की तुलना में तमिलनाडु में औद्योगिक क्षेत्र में काम करनेवाले लोगों की संख्या ज्यादा है। लगभग 20.4 लाख । महाराष्ट्र में लगभग 18 लाख लोग  कल कारखानों में काम करते हैं वहीं, गुजरात में यह संख्या 13.7 लाख  के आस-पास है।

 

तमिलनाडु का औद्योगिक संकेतक
Rank Factories Employment Gross Value Added Fixed Capital Invested
1 Tamil Nadu Tamil Nadu Maharashtra Gujarat
2 Maharashtra Maharashtra Gujarat Maharashtra
3 Gujarat Gujarat Tamil Nadu Tamil Nadu
4 Andhra Pradesh Karnataka Karnataka Odisha
5 Uttar Pradesh Uttar Pradesh Uttar Pradesh Karnataka

Source:  Annual Survey of Industries 2013-14

 

प्रति व्यक्ति आय के संबंध में तमिलनाडु देश में पांचवे स्थान पर है लेकिन जो चार राज्य इससे आगे हैं, वे काफी छोटे राज्य हैं। देश के अमीर राज्यों में, यहां सबसे ज्यादा अमीर लोग रहते हैं।

 

तमिलनाडु में निजी संपत्ति संकेतक

Source: Central Statistical Office 2014-15Note: *at constant prices

 

मुफ्त उपहार की भी कीमत होती है!

 

जयललिता को मुफ्त उपहार बांटने की संस्कृति के लिए जाना जाता है। हालांकि इसे उन्होंने शुरु तो नहीं किया था, लेकिन इसका विस्तार उन्होंने इस कदर किया कि यह उनके व्यक्तित्व का एक हिस्सा बन गया। उदाहरण के लिए  वर्ष 2011 में उनके चुनावी वादों को लिया जा सकता है। हर घर के लिए 100 युनिट मुफ्त बिजली, कक्षा 11 और कक्षा 12 के छात्रों के लिए एक नि:शुल्क लैपटॉप (मुफ्त इंटरनेट कनेक्शन के साथ), विवाह सहायता के रूप में एक ग्राम सोना, गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले परिवारों के लिए चार बकरियां / भेड़ें । लैपटॉप में  “अम्मा ” यानी जयललिता की फोटो लगाई गई थी। राज्य में जयललिता इसी नाम से लोकप्रिय थी। राज्य में होने वाले अन्य कार्यक्रमों में भी अम्मा नाम का इस्तेमाल खूब किया गया है। जैसे कि सब्सिडी वाले भोजन के लिए ‘अम्मा कैंटीन’ और सब्सिडी वाले दवाओं के लिए ‘अम्मा मेडिकल’।

 

हालांकि, ‘मध्यांतर आहार’ जैसे कुछ कार्यक्रमों का बेहतर सामाजिक प्रभाव होने ने के कारण काफी सराहा गया था, लेकिन इसके परिणामस्वरुप किसी भी अन्य भारतीय राज्य की तुलना में यहां ऋण में तेजी से वृद्धि हुई । इस संबंध में इंडियास्पेंड ने नवंबर 2015 में विस्तार से बताया है। हम बता दें कि तमिलनाडु में ‘मध्यांतर आहार’ कार्यक्रम की शुरुआत  वर्ष 1991 में जयललिता के पहली पर राज्य के मुख्यमंत्री बनने से पहले हुई थी । इससे बच्चे स्कूल में ज्यादा देर रहने के लिए प्रोत्साहित हुए थे।

 

Average Debt Per Capita, Maharashtra & Tamil Nadu
State Outstanding Liabilities (Rs crore) Population (in millions) Average debt per person (Rs)
Maharashtra 338,730 114.2 29,661
Tamil Nadu 195,290 67.86 28,778

Source: Reserve Bank of India, Census 2011

 

अगर राज्य के आर्थिक विकास को सतत बनाए रखा जाए और जनता की सेवा चलती रहे तो ऋण कतई बुरी बात नहीं है। राज्य के सकल घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) या कुल आर्थिक उत्पादन के प्रतिशत के रूप ऋण मुख्य मैट्रिक्स है। तमिलनाडु का ऋण के लिए सकल राज्य घरेलू उत्पाद अनुपात 20 फीसदी है, जो राष्ट्रीय औसत से कम है। यह इस बात का संकेत है कि ऋण के बावजूद राज्य का विकास हो रहा है।

 

(सालवे विश्लेषक हैं और इंडियास्पेंड के साथ जुड़ी हैं।)

 

यह लेख मूलत: अंग्रेजी में 06 दिसंबर 2015 को indiaspend.com पर प्रकाशित हुआ है।

 

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