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झुग्गी बस्तियों, श्रमिकों के हाथ में दिल्ली की जीत की कूंजी

चैतन्य मल्लापुर,

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दिल्ली के कार्यबल में से लगभग 93% गंदी बस्तियों में, जिन्हे स्थानीय स्तर पर झुग्गियाँ  भी कहा जाता है ,  रहते हैं, और जो भी सरकार दिल्ली में आएगी उसके लिए लंबे समय से नजरअंदाज और अवैध मकानों में रहने वाले इन लोगों की उपेक्षा करना मुश्किल हो जाएगा ।

 

झुग्गी बस्ती का निवासी यह कार्यबल दुनिया की दूसरी सबसे अधिक आबादी वाले शहर, दिल्ली की आबादी का 11% हिस्सा है। जैसा कि हम  पहले भी बता चुके हैं कि 7 फरवरी के लिए अनुसूचित आगामी दिल्ली विधानसभा चुनावों में सभी  राजनीतिक दलों ने इन झुग्गियों की स्थिति में पूर्ण रूप से बदलाव लाने  का वादा किया है।

 

कम से कम 17 लाख लोगों का घर,  यह झुग्गी बस्तियां –  70 में से 61 विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों  में फैली हुई-  दिल्ली में जीत की कुंजी हैं। उन्होंने यह भी जीत की रहनुमा प्रतीत होती हैं।

 

2013 के विधानसभा चुनावों में  भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने जहाँ  जहाँ  जीत हासिल की वहाँ  अधिकांशतः झुग्गी बस्तियां थी। आम आदमी पार्टी (आप)  के लिए वोट  देने वाले 36.5% की तुलना में  भाजपा के पास  52.5% दिल्ली की झुग्गी बस्तियों का समर्थन था । जो  2013 में भाजपा के प्रथम स्थान पर आने  और एएपी के द्वितीय रहने में परिलक्षित हुआ  ।

 

कुल सीटों पर जीत और झुग्गी बस्तियों में जीत , 2013

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हर पार्टी द्वारा जीती गई सीटों में झुग्गी बस्तियों की संख्या, झुग्गी बस्तियों का प्रतिशत %

 

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Source: Delhi Urban Shelter Improvement Board/Election Commission

 

झुग्गी बस्ती क्या होती है? इस सवाल का जवाब प्रासंगिकहै क्योंकि दिल्ली में विशाल रूप अनधिकृत कालोनियाँ है जिन्हे झुग्गी बस्तियों के रूप में वर्गीकृत नहीं किया जा सकता है, लेकिन वहां  रहने की स्थिति और मतदान वरीयताऐं झुग्गी बस्ती के समान हो सकती हैं।

 

स्लम एरिया में सुधार और क्लीयरेंस अधिनियम, 1956, में दी गई परिभाषा के अनुसार झुग्गी बस्तियाँ  वह आवासीय क्षेत्र घरों हैं जो  ” क्षय, भीड़भाड़, सड़कों की संकीर्णता,वेंटिलेशन और स्वच्छता सुविधाओं की कमी और  सुरक्षा, स्वास्थ्य और नैतिकता के लिए हानिकारक होने के कारण  मानवीय आवास के अयोग्य हैं”।

 

हम दिल्ली में झुग्गी बस्तियों की संख्या पर एक नज़र डालते हैं ( और अधिक जानकारी के लिए निर्वाचन क्षेत्र पर ज़ूम करें ) :

Source: Delhi Urban Shelter Improvement Board, shapefile from Datameet

 

सूचना अनुसार दिल्ली में कुल 61 निर्वाचन क्षेत्रों में 304,188 झुग्गी बस्तियां फैली हुई हैं ।

 

मोतीनगर 25,021 झुग्गियों और तुगलकाबाद (23,495  झुग्गियों ) के साथ भाजपा का गढ़ रहे हैं जहां से पार्टी ने 2008 और 2013 के विधानसभा चुनावों में जीत हासिल की है । भाजपा ने वज़ीरपुर  (13,736 झुग्गियाँ ) की सीट 2013 में कांग्रेस से सिर्फ 3.54%  के अंतर से सीट  जीत ली जो उसकी बिगड़ती किस्मत की संकेत था।

 

इसी तरह, मॉडल टाउन (11,966 झुग्गियों ) और आर के पुरम (10,894 झुग्गियों ), के साथ कभी कांग्रेस के गढ़ थे , तो वहां  2013 में क्रमशः एएपी और भाजपा द्वारा जीत हासिल की गई।  यहां पर क्या हुआ :

 

दिल्ली में शीर्ष 5 झुग्गी क्षेत्र और पिछले चुनाव परिणाम

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Source: Election Commission 2013, 2008

 

तीनों दलों ने दिल्ली में 3 लाख से अधिक झुग्गी बस्तियों के निवासियों से स्थायी आवास का वादा किया है। प्रमुख चुनौतियों में से एक रहेगी लोगों को उसी क्षेत्र में रहते रहने की अनुमति देना ।  पार्टी घोषणापत्र में झुग्गी बस्ती के निवासियों से किए गए विभिन्न वादों के ब्योरे से कुछ अंश इस प्रकार हैं:

 

 

 

Bharatiya Janta Party Indian National Congress

Aam Aadmi Party

I. Pucca Houses for Jhuggi Dwellers 

• Under the dream Project of Jan Punarvas Yojana by Shri Atal Behari Vajpayee, multi level housing will be constructed and provided for people residing in jhuggies at the same area – ‘Jahan Jhuggi Wahi Makan’.

 

• These houses/flats will have free portable water supply, subsidised electricity/ power supply, gas connections etc. self employment opportunities will be extended to them through Basti Vikas Kendras.

 

• Proper toilets will be made in every flat and also public areas, so that no one has to go out in the open (to defecate).

 

• The 2-kilowatt limit will be removed for the cards of residents of jhuggi jhopri areas.

 

II. Slum Basti

 

• Special Provisions will be made for maintenance of katras (buildings with multiple households sharing common facilities).

 

• The ownership right will be given to inhabitants of katras.

 

• Delhi will be converted into a slum-free city.

 

Ownership rights of land free of cost to people of jhuggi-jhopdi clusters in the resettlement colonies, as had been done under the 20-point programme by Smt. Indira Gandhi.  I. Better Facilities and In Situ Development of Slums. Our government will bring justice to the people of slums. 

• We will perform a survey of all families living in slums and prepare a comprehensive list . As far as possible, most of the slum dwellers will be provided plots or flats in the same location as the existing slum, equipped with a clean living environment.

 

• If it is not possible to provide residence at the same location, they will be rehabilitated in the closest possible location. The Mohalla Sabha will do the planning of the rehabilitation process and monitoring of the implementation.

 

• Affordable housing will be developed in sufficientl large numbers so that in the future slums will not need to exist.

 

• Until rehabilitation is completed, the slums will not be demolished under any circumstances.

 

II. Until rehabilitation, the following steps will be taken in the slums:

 

• Broken roads and streets in the slums will be repaired and made into pukka streets.

 

• Lack of toilets is a big problem in the slums, especially for women. Toilet facilities will be established in all slums of Delhi. The responsibility of maintenance of community toilets and monitoring of cleanliness and sanitation will be given to the Mohalla Sabhas.

 

• Facilities for drinking water, sanitation and cleaning of sewage canals will be provided in all slums.

 

Source:BJP, INC, AAP

 

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