Home » Cover Story » पश्चिम बंगाल के एक-तिहाई विधायकों पर आपराधिक आरोप; तृणमूल में सबसे अधिक

पश्चिम बंगाल के एक-तिहाई विधायकों पर आपराधिक आरोप; तृणमूल में सबसे अधिक

प्राची सालवे एवं सौम्या तिवारी,

criminal_620

 

पश्चिम बंगाल की नयी विधान सभा में ऐसे विधायकों की संख्या (107) सबसे अधिक है जिन पर किसी प्रकार के आपराधिक आरोप हैं। इस संबंध में दूसरा स्थान केरल (87) का है। यह आंकड़े एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स, नई दिल्ली स्थित थिंक टैंक, द्वारा जारी किए गए डाटा में सामने आए हैं।

 

पश्चिम बंगाल में जीतने वाले ऐसे उम्मीदवारों की संख्या (93) भी सबसे अधिक है जिन पर गंभीर आपराधिक आरोप लगे हैं।

 

तृणमूल कांग्रेस में, जिसने पश्चिम बंगाल में चुनाव जीता है, 66 विधायक ऐसे हैं जिन पर आपराधिक मामले दर्ज है। यह आंकड़े किसी भी अन्य पार्टी क तुलना में सबसे अधिक है। 60 तृणमूल विधायकों पर गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं।

 

गंभीर आपराधिक आरोपों में हत्या, हत्या का प्रयास, बलात्कार , अपहरण और चोरी जैसे अपराध शामिल हैं।

 

विधायकों पर आपराधिक आरोप, 2016

Source: Election Commission of India, Association for Democratic Reforms

 

असम में 14 ऐसे उम्मीदवारों को निर्वाचित किया गया है जिन का आपराधिक रिकॉर्ड रहा है – कुल विधानसभा का 11 फीसदी एवं 2011 के अनुपात के बराबर।

 

पश्चिम बंगाल और केरल में आपराधिक मामलों के साथ विधायकों के प्रतिशत में वृद्धि हुई है। पश्चिम बंगाल में यह आंकड़े 2011 में 32 फीसदी से बढ़ कर 37 फीसदी तक पहुंचे हैं जबकि इसी अवधि के दौरान केरल में 42 फीसदी से बढ़ कर 62 फीसदी हुए हैं।

 

पश्चिम बंगाल एवं केरल की तुलना में तमिलनाडु में थोड़ी कम वृद्धि देखी गई है। आपराधिक रिकॉर्ड वाले उम्मीदवारों की संख्या 2011 में 32 फीसदी से बढ़ कर 2016 में 34 फीसदी हुई है।

 

असम में 72 उम्मीदवारों के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज हैं एवं 14 उम्मीदवार नए विधानसभा के लिए निर्वाचित किए गए हैं।

 

केरल में आपराधिक रिकॉर्ड वाले 311 में से 87 उम्मीदवारों ने चुनाव में जीत हासिल की है।

 

किसी भी अन्य पार्टी की तुलना में, भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) में ऐसे उम्मीदवारों की संख्या (72) सबसे अधिक है जिन पर आपराधिक आरोप हैं। इस संबंध में 42 के आंकड़े के साथ भाजपा दूसरे स्थान पर है।

 

सीपीआई (एम) में भी , किसी भी पार्टी की तुलना में, गंभीर आपराधिक आरोप वाले  उम्मीदवारों की संख्या (26) सबसे ज्यादा थी। इस संबंध में 23 के आंकड़ों के साथ दूसरा स्थान भाजपा का है।

 

तमिलनाडु एकमात्र ऐसा राज्य था, जहां सत्तारूढ़ पार्टी में आपराधिक रिकॉर्ड वाले उम्मीदवारों की संख्या सबसे कम थी जो इस बार चुनाव में निर्वाचित किए जाने थे।

 

ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (एआईएडीएमके) ने आपराधिक रिकॉर्ड वाले 47 उम्मीदवारों का चयन किया था जिसमें से 28 उम्मीदवारों को निर्वाचित किया गया है।

 

द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके)  ने आपराधिक रिकॉर्ड वाले 68 उम्मीदवारों का चयन किया था जिसमें से 42 उम्मीदवारों को निर्वाचित किया गया है।

 

गंभीर आपराधिक आरोप वाले उम्मीदवार : 4 राज्य

 

Based on IndiaSpend’s calculations

 

आपराधिक धमकी (धमकी भरे फोन करना) सबसे अधिक प्रचलित अपराध रिपोर्ट किया गया है;  पश्चिम बंगाल में इस तरह के 172 मामले थे;  केरल में सबसे कम, चार मामले देखे गए थे।

 

(सालवे और तिवारी ने इंडियास्पेंड साथ विश्लेषक हैं।)

 
यह लेख मूलत: अंग्रेज़ी में 21 मई 2016 को indiaspend.com पर प्रकाशित किया गया है।
 

हम फीडबैक का स्वागत करते हैं। हमसे respond@indiaspend.org पर संपर्क किया जा सकता है। हम भाषा और व्याकरण के लिए प्रतिक्रियाओं को संपादित करने का अधिकार रखते हैं।

 
__________________________________________________________________

 

“क्या आपको यह लेख पसंद आया ?” Indiaspend.com एक गैर लाभकारी संस्था है, और हम अपने इस जनहित पत्रकारिता प्रयासों की सफलता के लिए आप जैसे पाठकों पर निर्भर करते हैं। कृपया अपना अनुदान दें :

 

Views
3477

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *