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पिछले 5 वर्षों में, संरचना ढहने से रोज़ाना सात मौतें

राकेश दुब्बदु,

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कोलकाता में गुरुवार हुआ पुल (निर्माणाधीन) हादसा

 

2010 से 2014 के बीच, विभिन्न संरचनाओं के ढहने से कम से कम 13,178 लोगों की जान गई है- राष्ट्रीय अपराध रिकार्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) के आंकड़ों के अनुसार।

 

2010 से 2014 के बीच इस तरह के 13,473 मामलों के आधार पर, Factly.in , एक डाटा- पत्रकारिता पोर्टल, ने जानकारी दी है कि  औसतन रोज़ाना ऐसी सात घटनाएं होती हैं।

 

गुरुवार को कोलकाता में एक निर्माणाधीन पुल, 2.2 किलोमीटर लंबा विवेकानंद फ्लाईओवर, गिर गया। इस हादसे में शुक्रवार तक कम से कम 24 लोगों की जान जाने की सूचना मिली है।

 

एनसीआरबी ने अपनी वार्षिक रिपोर्ट ‘ आकस्मिक मृत्यु और भारत में आत्महत्या’ में आंकड़ों की परितुलना की है। रिपोर्ट में मौत के विभिन्न अप्राकृतिक कारणों को सूचीबद्ध किया गया है, एवं एनसीआरबी के अनुसार संरचनाओं ढहना मौत के कारणों में से एक मुख्य कारण है।

 

2014 में संरचनाएं ढहने से 1,821 मौतें

 

2010 में, विभिन्न संरचनाओं के गिरने ने कुल 2682 मौतें हुई हैं। 2011 में यह आंकड़े बढ़ कर 3,161 हुआ है जबकि 2012 में यह गिरकर 2,682 हुआ है।

 

2013 में होने वाली मौतों की संख्या 2,832 थी।

 

1,821 के आंकड़ों के साथ, 2014 में संरचनाएं ढहने से होने वाली मौतों की संख्या पांच वर्षों में सबसे कम है।

 

संरचनाएं ढहने से होने वाली मौंते

 

 

संरचनाएं ढहने की घटनाएं, 2010-14

 

 

इमारतें ढहने से करीब 50 फीसदी मौतें

 

एनसीआरबी, संरचानएं गिरने के आंकड़ों को पांच श्रेणियों में विभाजित करती है। 2010 से 2014 तक, कुल 4,914 लोगों की मौत आवासीय भवनें गिरने से हुई है, जो कि कुल मौतों का 37.3 फीसदी है।

 

वाणिज्यिक भवनों के ढहने 1,610 लोगों की मृत्यु हुई।

 

बांधों और पुलों के ढहने से 124 और 297 लोगों की मृत्यु हुई है। बांधों और पुलों का ढहना 3.2 फीसदी मौतों के लिए ज़िम्मेदार है।

 

मौत की सबसे अधिक संख्या, अन्य संरचनाओं जैसे कि फ्लाईओवर गिरने के कारण हुई है। अन्य संरचनाओं के ढहने से 6233 मौतें यानि कि कुल मौतों में से 47.3 फीसदी मौतें हुई हैं।

 

बड़े राज्यों में अधिक मौतें

 

हालांकि, संरचानओं के ढहने से सबसे अधिक मौत बड़े राज्यों में हुई है लेकिन इस प्रवृत्ति का एकमात्र अपवाद पश्चिम बंगाल था।

 

हालांकि, संरचानओं के ढहने से सबसे अधिक मौत बड़े राज्यों में हुई है लेकिन इस प्रवृत्ति का एकमात्र अपवाद पश्चिम बंगाल था।

 

2010 से 2014 तक, पश्चिम बंगाल में कुल 184 मौतें (1.4 फीसदी) हुई हैं।

 

इस तरह से होने वाली मौतों की सबसे अधिक संख्या उत्तर प्रदेश में हुई है। 2010 से 2014 के बीच, उत्तर प्रदेश में संरचनाएं गिरने से होने वाली मौतों की संख्या  2,065 है।

 

महाराष्ट्र में मरने वाले लोगों की संख्या 1,343 है जबकि आंध्र प्रदेश में 1,330, मध्यप्रदेश में 1,176, तमिलनाडु में 1,154 एवं गुजरात में 1,067 है।

 

(दुब्बदु एक दशक से सूचना के अधिकार से संबंधित मुद्दों पर काम कर रहे है।  Factly.in सार्थक सार्वजनिक डेटा बनाने के लिए समर्पित है। )

 

यह लेख मूलत: अंग्रेज़ी में 2 अप्रैल 2016 को indiaspend.com पर प्रकाशित हुआ है।

 

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