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बढ़ रहा है डेंगू का खतरा

आरती केलकर - खांब्टे,

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चंडीगढ़ में डेंगू बुखार से बचाव के लिए छिड़काव करता एक स्वास्थ्यकर्मी

 

भारत में डेंगू तेज़ी से अपने पांव पसार रहा है। देश के कई प्रमुख शहरों जैसे मुंबई, दिल्ली एवं बंगलौर में डेंगू एक महामारी के रुप में फैल रहा है। हर साल डेंगू की चपेट में कई लोग आते हैं और यह देश की कमज़ोर सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवा केंद्रों की पोल खोलता है।

 

देश की राजधानी, दिल्ली में नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक ( कैग ) ने डेंगू समेत मच्छरजनित बीमारियों से निपटने में दिल्ली सरकार और स्थानीय प्रशासन की तैयारियों के ऑडिट का आदेश दिया है। विशेषज्ञों की मानें तो देश में डेंगू का कहर हर साल बढ़ते जाने के बावजूद देश में इस ओर बहुत कम ध्यान दिया गया है।

 

मच्छरों से आक्रमण से अब मुबंई के पॉश इलाके जैसे कि मालाबार हिल्स और जुहू भी बचे नहीं हैं। हाल ही में बॉलीवुड के मशहूर अदाकारा करीना कपूर भी एडीज एजिप्टी मच्छर से होने वाली बीमारी का शिकार बनी हैं।

 

बॉलीवुड की कई मशहूर हस्तियां जैसे जुही चावला, अनिल कपूर और जितेंद्र के घरों एवं बागिचे में डेंगू के लार्वा पाए जाने के बाद मुबंई महानगरपालिका की ओर से उन्हें नोटिस जारी किया गया है।

 

भारत में डेंगू जैसी बीमारी नई नहीं है लेकिन पिछले दो दशकों में डेंगू के मामलों में काफी वृद्धि देखी गई है। यदि आंकड़ों की बात करें तो वर्ष 2014 में डेंगू के 50 फीसदी अधिक मामले देखे गए हैं। हाल ही के मामलों से साफ है कि डेंगू अब ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में तेज़ी से फैल रहा है।

 

अन्य देशों के मुकाबले भारत में तेज़ी से बढ़ता डेंगू का प्रकोप

 

पुणे में एक घरेलू सहायिका, शांताबाई ने बताया, “अब पॉश बिल्डिंगों में भी डेंगू के मच्छर पाए जाने लगे हैं लेकिन वे नगर निगम वालों को बिल्डिंग के भीतर आकर छिड़काव करने की अनुमती नहीं देते हैं।”

 

अपर्याप्त अंनुसंधान, देर से रोकथाम, त्रुटिपूर्ण कार्यान्वयन , विशेषज्ञों और सीमित समुदाय की भागीदारी की कमी होना ही डेंगू नियंत्रण कार्यक्रम सफल होने में मुख्य बाधाएं हैं।

 

मामले की गंभीरता को देखते हुए विश्व स्वास्थ्य संगठन ने वर्ष 2014 में प्राथमिकता के आधार पर महत्वपूर्ण वेक्टर जनित रोगों की अपनी सूची में डेंगू को भी शामिल किया है। (1)

 
एक अनुमान के अनुसार, विश्व स्तर पर हर वर्ष डेंगू के 96 मिलियन मामले होते हैं जिसमें से 70 फीसदी मामले एशिया में होते हैं जिसमें से अकेले भारत में एक तिहाई, 34 फीसदी मामले दर्ज होते हैं। (1)

 

भारत में हर वर्ष डेंगू के 33 मिलियन मामले एवं 100 मिलियन स्पर्शोन्मुख में संक्रमण के मामले दर्ज होते हैं। ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय के एक अध्ययन के अनुसार यह आंकड़े किसी भी अन्य देश की तुलना में सबसे अधिक हैं। ( 2 )

 

भारत में डेंगू के बढ़ते मामले, 2001-13
 

Source: Central Bureau of Health Intelligence (2009, 2012,2015) National Health Profile. Government of India

 

भारत में डेंगू और मलेरिया से संबंधित वर्षवार डेटा की तुलना से स्पष्ट होता है कि मलेरिया से होने वाली मौत की संख्या में गिरावट हुई है जबकि वर्ष 2013 को छोड़ कर डेंगू से होने वाली मौत की संख्या में वृद्धि हुई है। ( 8 )

 

भारत में मलेरिया और डेंगू से होने वाली मौत, 2005-13
 

Source: Central Bureau of Health Intelligence (2009, 2012,2015) National Health Profile. Government of India

 

राज्यवार डेंगू के दर्ज मामलों से साफ है कि पिछले साल की तुलना में इस साल डेंगू के मामले दोगुने हुए हैं।

 

राष्ट्रीय वेक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम ( एनवीबीडीसीपी ) के अनुसार दिल्ली सहित कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, गुजरात , महाराष्ट्र, पंजाब और अरुणाचल प्रदेश , सबसे अधिक डेंगू के मामले वाले राज्यों (1500 से ऊपर डेंगू के मामले ) में शामिल है।

 

हालांकि कई अध्ययन से पता चलता है कि भारतीय उपमहाद्वीप में डेंगू के सबसे अधिक मामले पाए गए हैं लेकिन इसके केवल एक अंश की ही पहचान एवं निदान रिपोर्ट की जाती है। ( 3 )

 

कुछ अध्ययन ने आबादी के माध्यम से प्रसारण की सीमा को मापने की कोशिश की है । (4)

 

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पिछले दो दशकों में क्या हुआ बदलाव

 

  • शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्र दोनों हुए उजागर: डेंगू शहरी क्षेत्रों से ग्रामीण इलाकों को ओर फैल गया है। ( 5 ) हाल ही में डेंगू के कुछ मामले पहाड़ी क्षेत्र नीलगिरी और कैराडमम हिल्स में भी दर्ज की गई है।
  •  

  • शहरी इलाकों के उच्च एवं मध्यम आय ग्रूप प्रभावित: हाल ही में पुणे जैसे क्षेत्रों में डेंगू के मामले पाए जाने से स्पष्ट है कि संक्रमण की प्रवृत्ति बदल गई है एवं उच्च और मध्यम आय ग्रूप में विस्तार हो रहा है।( 6 )
  •  

  • सिर्फ गर्म और उमस वाले वातावरण ही प्रभावित नहीं होते: एक समय में डेंगू जैसी बीमारी उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों तक सीमित थे लेकिन हाल में हुए अध्ययन से स्पष्ट होता है कि डेंगू  उप उष्णकटिबंधीय और रेगिस्तान इलाकों तक फैल चुका है। ( 1 ) sub-tropical and desert conditions, as two recent studies reported. (1)
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  • तेजी से होता अनियोजित विकास और शहरीकरण है ट्रिगर : हालांकि बेमौसम बरसात इस महामारी के फैलने का कारण हैं लेकिन तेजी से अनियोजित विकास और शहरीकरण , निर्माण स्थलों में हुई वृद्धि जहां मचछरों के प्रजनन की संभावना अधिक बढ़ जाती है, यह सब भी इस महामारी के फैलने के कुछ मुख्य कारण हैं। ( 1 )
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  • अज्ञानता से बिगड़ती है स्थिति है : अनियमित पानी की आपूर्ति से होने वाले संचयन से भी मच्छरों के प्रजनन की संभावना बढ़ जाती है। ( 7 ) शहरों में गगनचुंबी इमारतों और पॉश अपार्टमेंट के निवासी निवारक फॉगिंग के लिए उनके फ्लैट के भीतर जाकर छिड़काव करने की अनुमती नहीं देते हैं जिससे मच्छरों के पनपने की अधिक संभावना होती है। ( 6 )
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  • डेंगू वायरस के नए उपभेद : इस वर्ष स्थिति और बद्तर हो गई है। हालांकि दिल्ली में चार डेंगू सीरोवर्गों पाए गए हैं वैज्ञानिकों को एक और प्रकार के नस्ल उभरने का संदेह है। इस वर्ष टाइप 2 और टाइप 4 के डेंगू भी पाए गए हैं जो बहुत ज़्यादा खतरनाक हैं।
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  • एक ढुलमुल स्वास्थ्य प्रणाली: जैसा कि इस वर्ष शहर बुरी तरह प्रभावित हुआ है, दिल्ली की स्वास्थ्य सेवाओं को तनावपूर्ण कर दिया गया है।
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  • वायरस पर नियंत्रण पाना मुश्किल हो गया है : मच्छरों के तेज़ी से फैलने के अलावा यह वायरस उत्परिवर्तित माना जा रहा है जो चिकित्सा उपचार के लिए प्रतिरोधी बन रहा है। वायरस में आनुवंशिक परिवर्तन संभवतः यह अधिक बलशाली और अधिक संक्रामक बन गया है। इन कारकों में वायरस के नियंत्रण और वेक्टर , एडीज एजिप्टी में नई चुनौतियों प्रस्तुत किया है (1)

 

क्या टीका है इसका समाधान?

 

विज्ञान के मुताबिक महामारी की जटिल प्रकृति के लिए टीका  व्यावहारिक नहीं लगता है। ( 1 )

 

एडीज मच्छर को रोकने के उपायों में सुधार और समुदाय के प्रति बेहतर जागरूकता एक अधिक समझदार विकल्प है।

 

 

भारत सिंगापुर , थाईलैंड और इंडोनेशिया जैसे देशों से सीख ले सकता है जिसने डेंगू जैसी बीमारी को रोक पाने में सफलता हासिल की है।

 

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References

 

1. Editorial (2015) Dengue: A runaway epidemic and a bewildered public health worker. Medical Journal Armed Forces India, 71, (2015), 3-4

 

2. Gupta and Ballani (2014) Current perspectives on the spread of dengue in India. Infection and Drug Resistance 2014:7, 337–34

 

3. Shephard et al (2014) Economic and disease burden of dengue illness in India. American Journal of Tropical Medicine and Hygiene, 91 (6), 2014, pp 1235-1242.

 

4. Rodriguez-Barraquer et al (2014) The hidden burden of dengue and chikungunya in Chennai, India. PLOS Neglected Tropical Diseases, 9 (7)

 

5. Khan, Dutta, Topno, Soni and Mahanta (2014) Dengue Outbreak in a Hilly State of Arunachal Pradesh in Northeast India. The Scientific World Journal, Volume 2014

 

6. Isalkar (2015) More dengue cases in upmarket areas, healthier picture in slums. The Times of India, Pune, August 17, 2015

 

7. The Times of India (2015) Dengue spurt blame on water in urban containers. The Times of India, Pune, Friday, October 2, 2015

 

8. Central Bureau of Health Intelligence (2009, 2012, 2015) National Health Profile. Ministry of Health and Family Welfare, Government of India

 

 

( इस लेख का एक संस्करण पहले से इंडिया वाटर पोर्टल पर हुआ है। खांबटे , इंडिया वाटर पोर्टल के साथ एक सलाहकार हैं, स्वास्थ्य एवं  पानी और पर्यावरण के बीच संबंधों में इनकी खास रुची है)

 


 

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