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भारत में विदेशियों के खिलाफ दर्ज कुल 5 अपराधों में से 2 दिल्ली में

देवानिक साहा,

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वाराणसी के घाट पर एक विदेशी पर्यटक। राष्ट्रीय अपराध रिकार्ड ब्यूरो के आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2015 में, भारत में विदेशियों के खिलाफ 365 अपराध दर्ज किए गए थे, जिनमें से 223 मामले चोरी के थे।

 

अप्रैल 2016 में दिल्ली के एक पांच सितारा होटल में एक 30 वर्षीय अमेरिकी महिला से सामूहिक बलात्कार की घटना (घटना का खुलासा 6 दिसंबर को हुआ जब वो वापस भारत आई और अपने साथ हुए हादसे के संबंध में बताया) से एक बार फिर दिल्ली में महिलाओं की सुरक्षा का मामला सामने आया है।

 

अमेरिकी महिला ने बताया कि उसके टूर गाइड, होटल के दो कर्मचारी और दो अन्य पुरुषों द्वारा बलात्कार किया गया था।

 

राष्ट्रीय अपराध रिकार्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) के आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2015 में, भारत में विदेशियों के खिलाफ 365 अपराध दर्ज किए गए थे, जिसमें से 147 (40 फीसदी) दिल्ली, 53 महाराष्ट्र और 33 उत्तर प्रदेश में दर्ज हुए थे।

 

इन 365 अपराधों में से 271 पर्यटक थे और बाकी अपराध भारत में विदेशी निवासियों के खिलाफ दर्ज हुए हैं।

हालांकि वर्ष 2014 की तुलना में 25 फीसदी कम आपराधिक मामले वर्ष 2015 दर्ज हुए हैं। वर्ष 2014 में 486 मामले दर्ज हुए थे।

 

राज्य अनुसार विदेशियों के खिलाफ अपराध (2015)

Source: National Crime Records Bureau

 

विदेशियों के खिलाफ अपराध में से 61 फीसदी मामले चोरी के

 

दर्ज किए 365 अपराधों में से  223 मामले चोरी के थे। इसके बाद सबसे ज्यादा मामले (23) महिला के शील भंग करने के इरादे से हमला करने के रहे हैं, जबकि और जालसाजी के 15 मामले दर्ज किए गए हैं।

वर्ष 2015 में, देश भर में विदेशियों से बलात्कार के 12 मामले दर्ज हुए, जिसमें से तीन (25 फीसदी) दिल्ली में हुए हैं।

 

पांच वर्षों में दिल्ली में बलात्कार के मामलों में 284 फीसदी की वृद्धि

 

सामान्य रुप से, पिछले पांच वर्षों में दिल्ली में दर्ज हुए बलात्कार के मामलों में 284 फीसदी की वृद्धि हुई है। वर्ष 2011 में 572 बलात्कार के मामले दर्ज हुए थे, जबकि 2015 में यह संख्या बढ़ कर 2,199 हो गई।

 

वर्ष 2015 में, दिल्ली में बलात्कार की उच्चतम दर की सूचना दी गई है – प्रति 100,000 की आबादी पर 23.7 मामले सामने आए। दूसरे स्थान पर छत्तीसगढ़ (12.2) और तीसरे पर मध्य प्रदेश (11.9) रहा है, जैसा कि इंडियास्पेंड ने सितंबर 2016 में विस्तार से बताया है।

 

हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि बलात्कार के मामलों में वृद्धि हुई है या महिलाएं अब अधिक मामले बलात्कार के मामले रिपोर्ट कर रही हैं। इस वृद्धि का कारण कोई एक या फिर दोनों हो सकता है। रिपोर्ट होने वाले बलात्कार के मामले में वृद्धि का संबंध वर्ष 2012 निर्भया मामले के बाद हुए बलात्कार कानून में बदलाव से भी हो सकता है।

 

दिल्ली में बलात्कार के मामले तीन गुना बढ़े हैं और वर्ष 2012 निर्भया मामले के बाद सुधार प्रक्रिया का वादा विफल रहा है, जैसा कि इंडियास्पेंड ने अगस्त 2016 में विस्तार से बताया है।

 

दिल्ली में बलात्कार के मामले, 2011-15

Source: National Crime Records Bureau

 

ब्रिटेन सरकार ने अपने नागरिकों के लिए भारत यात्रा सलाह  में दिल्ली को महिलाओं के लिए संभावित रूप से असुरक्षित माना है।

सलाह के कुछ बिंदू ये हैं:

 

  • ब्रिटिश महिलाएं गोवा, दिल्ली, बैंगलोर और राजस्थान में यौन उत्पीड़न का शिकार रही हैं,और महिला पर्यटक अक्सर किसी एक व्यक्ति या पुरुषों के समूहों द्वारा मौखिक और शारीरिक उत्पीड़न का शिकार बनती हैं।
  • भारत की यात्रा करते समय महिलाओं को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए, भले ही वे समूह में यात्रा कर रही हों।
  • अपने सामान को ट्रेन में अकेले न छोड़ें। दिल्ली में हैंडबैग छीनने के मामलों में वृद्धि हुई है।

 

(साहा स्वतंत्र पत्रकार हैं। वह ससेक्स विश्वविद्यालय के इंस्टीट्यूट ऑफ डेवलपमेंट स्टडीज़ संकाय से वर्ष 2016-17 के लिए जेंडर एवं डिवलपमेंट के लिए एमए के अभ्यर्थी हैं।)

 

यह लेख मूलतअंग्रेजी में 29 दिसंबर 2016 को indiaspend.com पर प्रकाशित हुआ है।

 

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