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सॉफ्ट-पावर के घोड़े पर सवार मोदी चले चाइनीज से दोस्ती बढ़ाने

चैतन्या मल्लापुर,

620 Modi - Weibo

 

भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जो कि सोसल – मीडिया के प्रति गहरा लगाव रखते हैं – ने अपनी प्रस्तावित चीन की यात्रा (14 – 16 मई 2015) से पहिले ही चीन की सबसे बड़ी सोसल साइट – WEIBO – को join इस निहितार्थ के साथ किया कि वो चीन के नागरिकों से जुड़ सकें |

 

WEIBO में प्रधानमंत्री ने अपने सोसल मीडिया अकाउंट में चीन को सम्बोधित करते हुये कहा, हैलो चाइना – मैं अत्यंत आशा के साथ चायनीज़ दोस्तों के साथ – WEIBO के सहयोग से – दोस्ती का हाथ बढाना चाहता हूँ |

 

 

सिना वेबो चीन का सबसे बड़ा माइक्रो Blogging पटल है – जिसके प्रति माह सक्रिय यूजर्स की संख्या 140 मिलियन है – और दुनिया में मोबाइल – फोन धारकों की संख्या सबसे ज्यादा – 1.29 बिलियन यूजर्स चीन में है | भारत में यह संख्या 960 मिलियन के आसपास है |

 

सिना वेबो चीन का सबसे बड़ा माइक्रो Blogging पटल है – जिसके प्रति माह सक्रिय यूजर्स की संख्या 140 मिलियन है – और दुनिया में मोबाइल – फोन धारकों की संख्या सबसे ज्यादा – 1.29 बिलियन यूजर्स चीन में है | भारत में यह संख्या 960 मिलियन के आसपास है |

 

मोदी सोसल मीडिया पर दुनिया में दूसरे सबसे ज्यादा प्रशंशित होने वाले राजनेता है – जिसमें 12 मिलियन ट्विटर प्रशंशक और 28 मिलियन फ़ेसबुक – पेज के पसंदकर्ता है : लेकिन दुनिया में सर्वाधिक सोसल मीडिया पर पसंद होने वाले अमेरिका के राष्ट्पति बराक ओबामा हैं, जिनके 58 मिलियन ट्विटर प्रशंसक और 43 मिलियन फ़ेसबुक – पेज के पसंदकर्ता हैं |

 

विश्व में राजनेता इस बात के प्रति काफी सचेत हैं कि राजनीतिक – नियंत्रण की शक्ति, लुभावने – बोल इस्तेमाल करने से आती है और वो सोसल मीडिया पटल की इस सॉफ्ट पावर के आकर्षण द्वारा बखूबी से इन साफ्ट – माध्यमों का इस्तेमाल कर भरपूर दोहन कर भी रहे है | इस साफ्ट – पावर कनसेप्ट का सबसे पहले विचार अमेरिकी राजनीति – विज्ञानी जोसेफ नाई ने वर्ष 1990 में प्रकट किया |

 

अमेरिकी राजनीति – विज्ञानी जोसेफ नाई के अनुसार साफ्ट – पावर लोगों को प्रभावित कर उनसे सहमति के उन स्पंदनों/समझ को अपने लिए प्राप्त करती है जिससे सॉफ्टपावर यूजर के इच्छित-परिणाम हासिल हो सकें | दूसरे शब्दों में यह आकर्षण की वह शक्ति या आकर्षित करने की वह योग्यता है – जो कि लोगों को गुप्त और शांतिमय तरीकों से सहमति के स्तर पर ले आती है |

 

आधुनिक राजनय के क्षेत्र में सोशल मीडिया का इस्तेमाल एक उभरता हुआ वैदेशिक राजनय का टूल है – जो कि सॉफ्ट पावर से प्रभावित और निर्देशित रहते हुए कार्य करता है |

 

हाल के वर्षों में विश्व पटल पर सोशल मीडिया राजनीतिक सक्रियता के क्षेत्र में एक कूटनीतिक अस्त्र के रूप में उभर कर सामने आया है|

 

 

 स्रोत: ओफ़्फ़िशियल ट्विट्टर, फ़ेसबुक एंड इंसटाग्राम अकाउंटस ; फिगर्स इन मिलियन; डेजिग्नेशनस: नरेन्द्र मोदी(प्रधान-मंत्री, भारत), बराक ओबामा (राष्ट्रपति, यूएसए), एस० बी० युद्धोयोनो(भूतपूर्व राष्ट्रपति, इन्डोनेशिया), दिलमा रौस्सेफ़्फ़ (राष्ट्रपति, ब्राज़ील), दी मित्री मेद्वेदेव (प्रधान मंत्री, रूस) |

 

भूतपूर्व इंडोनेशियन- राष्ट्रपति सुशीलो बमबंग युद्धोयोनो- ओबामा और तीसरे पायदान पर मोदी को फॉलो करते हुए 7 मिलियन ट्विट्टर फोलोवर्स |

 

वर्ष 2014 में मोदी ने instagram join किया और उनकी पहली फोटो के पोस्ट होने के कुछ ही घंटों में उनके इस अकाउंट के 38,000 फॉलोवर्स हो चुके थे | उनके पाँच महीनों के अंदर 443,000 प्रशंसक हो गए |

 

ModiInstgram

 

इंडियास्पेंड ने अपने पिछले लेखों में विश्लेषित किया है कि किस तरह ट्विट्टर ने भारतीय राजनीति को प्रभावित किया, विशेषकर 2014 के लोक सभा चुनाव को – जिसमें सोशल मीडिया द्वारा वोटिंग के पैटर्न को बहुत प्रभावित किया गया|

 

नीचे दिये गए मैप से पता चलता है कि कितने प्रभावशाली रूपों में – लोक सभा रिजल्ट्स 2014 को लेकर विश्वभर से ट्विट्टर पर प्रतिक्रियाएँ/पोस्ट्स का विशाल दौर आया|

 

स्रोत: ट्विट्टर
होम पेज इमेज क्रेडिट : P IB

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