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2015 में भारत-पाक के बीच हुआ सबसे अधिक संघर्ष विराम उल्लंघन

अभिषेक वाघमारे,

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दक्षिण एशियाई टेररिज्म पोर्टल पर 2009 से उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, 2015 में, जम्मू-कश्मीर में भारत -पाकिस्तान सीमा पर सबसे अधिक संघर्ष विराम का उल्लंघन हुआ है। गौर हो कि यह पोर्टल दक्षिण एशियाई आतंकवाद डेटाबेस है जो 7 अप्रैल, 2016 को पाकिस्तान के उच्चायुक्त अब्दुल बासित द्वारा शांति प्रक्रिया के निलंबन के लिए कुछ संदर्भ प्रदान करता है।

 

दक्षिण एशियाई टेररिज्म पोर्टल दक्षिण एशिया में विभिन्न अंग्रेजी भाषा के मीडिया से डेटा संकलित करता है।

 

हालांकि, संघर्ष विराम का उल्लंघन 2009 में 35 से बढ़ कर 2015 में 229 हुआ है, लेकिन पिछले एक दशक में भारत- पाकिस्तान सीमा पर होने वाली मौतों में गिरावट देखा गया है और 2013 से 2015 के बीच घुसपैठ के प्रयासों 56 फीसदी की गिरावट देखी गई है।

 

हालांकि सटीक कारण स्पष्ट नहीं हैं – दरअसल, पाकिस्तान के विदेश कार्यालय के प्रवक्ता ने शांति प्रक्रिया को निलंबन करने से इंकार किया था – कुछ लोगों का तर्क है कि आर्थिक और सामरिक संबंधों को मजबूत करने के लिए, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की साऊदी अरब की यात्रा भी पाकिस्तानियों के लिए हतोत्साहित का कारण हो सकती है।

 

सात वर्षों में, 2015 में अंतरराषट्रीय संघर्ष विराम सबसे अधिक

 

Source: South Asian Terrorism Portal; Note: LoC – Line of Control; IB – International Border

 

2015 में, भारत और पाकिस्तान के बीच 229 बार संघर्ष विराम उल्लंघन किया गया था; 131 उल्लंघन आधिकारिक अंतरराष्ट्रीय सीमा पर हुए हैं जो रेडक्लिफ रेखा के साथ चलता है जिसे 1947 में खींचा गया था। नियंत्रण रेखा (एलओसी) ‘डी फैक्टो बॉर्डर’ है जो 1948 में स्थापित किया गया था।

 

दक्षिण एशियाई टेररिज्म पोर्टल के अनुसार, 2015 में अंतरराष्ट्रीय सीमा पर संघर्ष विराम का उल्लंघन उतने ही बार हुए हैं जितने कि पिछले छह वर्षों में, 2009 से 2014 के बीच हुए हैं।

 

भारतीय सरकारी आंकड़े भी संघर्ष विराम के उल्लंघन में तेजी से वृद्धि को रेखांकित करते हैं, जैसा कि इंडियास्पेंड ने पहले भी बताया है।

 

भारत-पाक सीमा पर संघर्ष विराम उल्लंघन, सरकारी आंकड़े

 

Source: Answers to questions in Rajya Sabha, 17th March 2015, 28th July 2015, 16th March 2016.

 

हालांकि, संघर्ष विराम का उल्लंघन 2011 में 62 की तुलना में 2014 में नौ गुना बढ़ कर 583 हुआ है, जबकि आतंकवाद के कारण होने वाली मौत में गिरावट देखी गई है, 2001 में 4507 से गिरकर 2015 में 174 हुई है।

 

दो दशक में आतंकवाद के कारण होने वाली मौत में कमी

 

Source: South Asian Terrorism Portal; * Note: Data till 3rd April 2016; data for J&K border.

 

1 मार्च, 2016 को लोक सभा में गृह-मंत्री द्वारा दिए गए इस जवाब के अनुसार, पिछले तीन वर्षों में, जम्मू-कश्मीर में सीमा पार से घुसपैठ के मामलों में कमी हुई है, 2013 में 277 से गिरकर 2015 में 121 हुआ है।

 

घुसपैठ में कमी, 2013 से 2015

 

Source: Answer given by Minister of State for Home Affairs in Lok Sabha on 1st March 2016.

 

जनवरी 2016 में पठानकोट, पंजाब में पाकिस्तानी आतंकवादियों के साथ गोलीबारी में सात सुरक्षाकर्मी और एक नागरिक की मौत हुई थी। पाकिस्तान से जांचकर्ता ने हमले के स्थल का दौरा किया और भारत की राष्ट्रीय जांच एजेंसी के साथ बैठक की है।

 

अमेरिकी सीनेट ने हाल ही में, पाकिस्तान को लड़ाकू विमान एफ -16 की बिक्री बंद करने के प्रस्ताव को निरुद्ध किया है और  इस प्रकार के हथियारों की बिक्री की इजाजत दी है। पाकिस्तान की आंतरिक सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिए अमेरिका ने 850 मिलियन डॉलर देने की घोषणा की है।

 

पाकिस्तान को विमान की बिक्री पर भारत ने लोकसभा में नाराजगी व्यक्त की है।

 

(वाघमारे इंडियास्पेंड के साथ एक विश्लेषक है।)

 

यह लेख मूलत: अंग्रेज़ी में 8 अप्रैल 2016 को indiaspend.com पर प्रकाशित हुआ है।

 

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