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4 वर्षों में महिलाओं के खिलाफ अपराध में 34% वृद्धि; पति/ रिश्तेदारों के खिलाफ अधिक रिपोर्ट दर्ज

प्राची सालवे,

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पिछले चार वर्षों से 2015 तक, महिलाओं के खिलाफ अपराध में 34 फीसदी की वृद्धि हुई है। गौर हो कि पीड़ित महिलाओं द्वारा पति और रिश्तेदारों के खिलाफ सबसे अधिक मामले दर्ज हुए हैं। यह जानकारी राष्ट्रीय अपराध रिकार्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) के ताजा आंकड़ों में सामने आई है।

 

2012 से 2015 के बीच,महिलाओं के खिलाफ अपराध की दर – दर्ज मामले को कुल महिला आबादी से विभाजित के रुप में परिभाषित – 41.7 से बढ़ कर 53.9 हुई है।

 

उच्च दर, अपराध में वृद्धि द्वारा समझाया जा सकता है, लेकिन ऐसा भी हो सकता है कि महिलाएं अब अपने खिलाफ हो रहे अपराध के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने में अधिक विश्वस्त हैं, जैसा कि जनवरी 2016 के इस इंडियन एक्सप्रेस के लेख में बताया गया है।

 

महिलाओं के खिलाफ अपराध, 2012 से 2015

Source: National Crime Records Bureau, 2015

 

2015 में, पति और रिश्तेदारों द्वारा की गई क्रूरता जैसे मामलों की हिस्सेदारी 34 फीसदी है जोकि पिछले चार वर्षों में 6 फीसदी की वृद्धि है। 2012 में ऐसे 106,527 मामले थे जबकि 2015 में 113403 मामले दर्ज किए गए हैं।

 

प्रकार अनुसार महिलाओं के खिलाफ अपराध, (2012-2015)

Source: National Crime Records 2015; Data are from 2012, since rate of crime against women is calculated as number of crimes divided by female population, unlike earlier years when it was based on the entire population.

 

पिछले वर्ष, महिलाओं पर हमले के मामलों की हिस्सेदारी एक-चौथाई की है जोकि 2012 से 82 फीसदी की वृद्धि है।

 

अक्टूबर 2014 में इस बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार, वर्षा शर्मा, एक वरिष्ठ दिल्ली पुलिस अधिकारी, कहती हैं, “मामलों की संख्या में वृद्धि हो रही है क्योंकि महिलाएं अब चुप्पी सहने को तैयार नहीं हैं।”

 

2014 में एनसीआरबी ने तीन और शीर्षक जोड़ा हैं जिनके तहत महिलाओं के खिलाफ अपराध दर्ज किए गए हैं: बलात्कार की कोशिश (4,437) जिसमें 2015 में 5 फीसदी की वृद्धि हुई है, महिलाओं को आत्महत्या के लिए उकसाना (4,060), जिसमें 4 फीसदी की वृद्धि हुई है, घरेलू हिंसा से महिलाओं का संरक्षण (461), जिसमें 8 फीसदी की वृद्धि हुई है।

 

2015 में, 35527, 31126 और 33218 मामलों के साथ महिलाओं के खिलाफ अपराध के संबंध में उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल सबसे ऊपर है।

 

टॉप पांच राज्य: महिलाओं के खिलाफ अपराध , 2012-2015

 

राजस्थान का अपराध दर उच्चतम है। दूसरे स्थान पर पश्चिम बंगाल है।

 

(सालवे इंडियास्पेंड के साथ विश्लेषक हैं।)

 

यह लेख मूलत: अंग्रेज़ी में 06 सितंबर 2016 को indiaspend.com पर प्रकाशित हुआ है।

 

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