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70 वर्षों में वर्ल्ड बैंक से भारत को मिला सबसे अधिक ऋण

चैतन्य मल्लापुर,

ABD620

 

वर्ष 1945 से 2015 (21 जुलाई, 2015 तक) के बीच भारत को विश्व बैंक से सबसे अधिक ऋण प्राप्त हुआ है। यदि बैंक की ऋण रिपोर्ट के आंकड़ों पर नज़र डालें तो पता चलता है पिछले 70 वर्षों में भारत को विश्व बैंक से 102.1 बिलियन डॉलर मिले है।

 

पुनर्निर्माण और विकास के लिए आईबीआरडी- जो विश्व बैंक समूह का एक हिस्सा है – ने 52.7 बिलियन डॉलर उधार दिए हैं जबकि इंटरनेशनल डेवलपमेंट एसोसिएशन (आईडीए), विश्व बैंक की एक बहुपक्षीय रियायती ऋणदाता, ने पिछले 70 वर्षों में भारत को 49.4 बिलिययन डॉलर का ऋण दिया है।

 

पिछले महीने लोकसभा में पूछे गए के सवाल के जवाब में वित्त मंत्रालय ने 103 बिलियन डॉलर का अद्यतन आंकड़ा (आईबीआरडी—53 बिलियन डॉलर एवं आईडीए 50 बिलियन डॉलर) पेश किया है।

 

31 दिसंबर 2015 तक विश्व बैंक ने भारत को 104 बिलियन डॉलर (आईबीआरडी—54 बिलियन डॉलर एवं आईडीए—50 बिलियन डॉलर) का ऋण दिया है। इनमें से भारत के 37 बिलियन डॉलर चुकाने के साथ, विश्व बैंक ने 73 बिलियन डॉलर वितरित किया है।

 

इस संबंध में भारत के बाद दूसरा स्थान ब्राज़िल (58.8 बिलियन डॉलर) तीसरा स्थान  चीन (55.6 बिलियन डॉलर) चौथा स्थान  मेक्सिको (54 बिलियन डॉलर) और पांचवा स्थान इंडोनेशिया (50.5 बिलियन डॉलर) का है।

 

विश्व बैंक भारत को परिवाहन, पानी और सिंचाई , स्वास्थ्य, बिजली और कृषि से संबंधित ग्रामीण और शहरी विकास परियोजनाओं के लिए ऋण देता है।

 

टॉप दस विश्व बैंक उधारकर्ता, 1945-2015

 

Source: World Bank; Figures in $ billion; Figures as on 21/07/2015; Note: International Bank for Reconstruction and Development (IBRD), International Development Association (IDA).

 

आईबीआरडी दुनिया का सबसे बड़ा विकास बैंक है एवं इसका उदेश्य वर्ष 2030 तक गरीबी को खत्म करना है। आईडीए विकास को बढ़ावा देने और गरीबी में कटौती करने के लिए रियायती वित्त का सबसे बड़ा बहुपक्षीय स्रोत है।

 

आईबीआरडी मुख्य रूप से मध्यम आय वाले देशों को ऋण और सहायता प्रदान करता है जबकि आईडीए दुनिया के सबसे गरीब देशों को मदद करता है।

 

टॉप दस आईबीआरडी उधारकर्ता, 2015

 

Source: World Bank; Figures in $ billion; Figures as on 21/07/2015; Note: International Bank for Reconstruction and Development (IBRD)

 

टॉप दस आईडीए उधारकर्ता, 2015

 

Source: World Bank; Figures in $ billion; Figures as on 21/07/2015; Note: International Development Association (IDA)

 

2015 (21 जुलाई 2015 तक) में विश्व बैंक (आईबीआरडी और आईडीए सहित) की सहायता 42.4 बिलियन डॉलर की रही है। 11.6 बिलियन डॉलर की राशि के साथ अफ्रिका सबसे बड़ा प्राप्तकर्ता रहा है वहीं 7.9 बिलियन डॉलर के साथ दक्षिण एशिया दूसरे स्थान पर रहा है।

 

वित्त वर्ष 2015 में आईबीआरडी ने 23.5 बिलियन डॉलर का ऋण दिया है जबकि यह आंकड़े आईडीए के लिए 18.9 बिलियन डॉलर रहे हैं।

 

भारत को आईबीआरडी प्रतिबद्धताओं का 9 फीसदी (2.1 बिलियन डॉलर)हिस्सा प्राप्त हुआ है जो 2015 में किसी भी अन्य देश की तुलना में सबसे अधिक है एवं आईडीए सहायता (1.9 बिलियन डॉलर)के संबंध में बंग्लादेश के बाद दूसरे स्थान (1.7 बिलियन डॉलर)पर है।

 

जल, स्वच्छता और बाढ़ परियोजनाओं को भारत में सबसे अधिक विश्व बैंक वित्त पोषण (27 फीसदी) प्राप्त हुआ है। इसके बाद वित्त (19 फीसदी), परिवहन (18 फीसदी), शिक्षा (11 फीसदी), लोक प्रशासन और कानून (10 फीसदी), कृषि (8 फीसदी), स्वास्थ्य और सामाजिक सेवा (4 फीसदी), सूचना और संचार (2 फीसदी), और ऊर्जा और खनन (1 फीसदी) का पोषण प्राप्त हुआ है।

 

टॉप देश: क्षेत्र अनुसार विश्व बैंक प्रतिबद्धताएं, संवितरण और नेट स्थानांतरण, 2015

 

Source: World Bank; Figures in $ billion; Figures as on 21/07/2015; Note: International Bank for Reconstruction and Development (IBRD), International Development Association (IDA).

 

2015 में भारत को 3.8 बिलियन डॉलर का ऋण प्राप्त हुआ जो पड़ोसी देशों की तुलना में सबसे अधिक है। इस संबंध में पूर्वी एशिया और शांत क्षेत्र में चीन दूसरे स्थान पर है (1.8 बिलियन डॉलर) उसके बाद अफ्रीका में नाइजीरिया (1.5 बिलियन डॉलर) , यूरोप और मध्य एशिया में यूक्रेन (1.3 बिलियन डॉलर), मध्य पूर्व और उत्तरी अफ्रीका में मोरक्को (1.1 बिलियन डॉलर), और लैटिन अमेरिका और कैरेबियन क्षेत्र में ब्राज़िल (0.6 बिलियन डॉलर) का स्थान है।

 

2015 में विश्व बैंक से भारत के लिए असंवितरित बैलेंस (ऋण/क्रेडिट/उपलब्ध अनुदान राशि) 16.6 बिलियन डॉलर का है। 2015 में 2.2 बिलियन डॉलर चुकाने के साथ भारत का सकल संवितरण 2.7 बिलियन डॉलर का है।

 

विश्व बैंक और भारत सरकार ने हाल ही में, 30 दिसंबर 2015 को , नई मंजिल (अल्पसंख्यकों के लिए एक शैक्षिक और कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रम) के लिए एक  50 मिलियन डॉलर के क्रेडिट लाइन पर हस्ताक्षर किया है। परियोजना का आकार 100 मिलियन डॉलर (650 करोड़ रुपए) है, जिसमें से आधी राशि आईडीए एवं आधी केंद्रीय बजट से मिलेगी।

 

(मल्लापुर इंडियास्पेंड के साथ नीति विश्लेषक हैं।)

 

यह लेख मूलत: अंग्रेज़ी में 13 जनवरी 2016 को indiaspend.com पर प्रकाशित हुआ है।

 

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