Home » Mumbai Special » मुंबई सड़कें घातक नहीं -भारतीय मानकों के अनुसार

मुंबई सड़कें घातक नहीं -भारतीय मानकों के अनुसार

चैतन्य मल्लापुर,

2229522645_ee77a18865_b

 

2013 में  लगभग 18 लाख लोगों की आबादी  वाले ग्रेटर मुंबई में  23,500 से अधिक सड़क दुर्घटनाएँ  हुईं ।  जो किसी भी भारतीय शहर की तुलना में  सबसे ज्यादा  हैं ।

 

9705 के साथ चेन्नई और 7566 दुर्घटनाओं के साथ  दिल्ली मुंबई के पीछे हैं । लेकिन मुंबई की सड़कें इतनी भी घातक नहीं हैं; इस में शहर चेन्नई की तुलना में कम घातक दर्घटनाएँ  हुईं  हैं।  दिल्ली का स्थान  1778 घातक दुर्घटनाओं के साथ, इस सूची में सबसे ऊपर है।

 

भारत के मुख्य 10 शहरों में  सड़क दुर्घटनाऐं

नोट: * गंभीरता – प्रति 100 दुर्घटनाओं में मरने वाले व्यक्तियों की संख्या।

 

 

दुर्घटनाओं के मामले में एक महत्वपूर्ण पैरामीटर दुर्घटना की तीव्रता  है। दिल्ली में 24.1% तीव्रता की तुलना में  यह दर  2.1% के साथ  मुंबई में कम थी (तीव्रता की प्रति 100 दुर्घटनाओं में मरने वाले व्यक्तियों की संख्या के द्वारा परिभाषित किया जाता है)।

 

आप मुंबई को पश्चिम और विश्व के उभरते शहरों की तुलना में अधिक घातक मान सकते हैं और यह काफी हद तक सच भी है । लेकिन ,  ब्राजील की मेगा सिटी, साओ पाउलो से ,जहां इसके बराबर की ही संख्या में आबादी रहती है,  की  तुलना में, मुंबई में मरने वाले लोगों की संख्या देखें तो यह उससे अधिक सुरक्षित जगह प्रतीत होती  है।

 

वैश्विक शहरों की तुलना

 

 

* लंदन के सभी उपनगर शामिल हैं, और इन आंकड़ों में केवल दुर्घटनाओं को शामिल किया गया है, वाहन क्षति को नहीं।

 

न्यूयॉर्क  70,400 से अधिक दुर्घटनाओं के साथ, दुर्घटनाओं की कुल संख्या मामलों की सूची में सबसे ऊपर है, लेकिन इसकी वजह  उच्च रिपोर्टिंग दर भी  हो सकती  है। मुंबई में कई छोटी दुर्घटनाओं की रिपोर्ट नहीं  की जाती और वह केवल वाहनो पर पड़े हल्के निशान के रूप में दिखती हैं।

 

सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के अनुसार, 2013 में भारत में कुल 486,476 दुर्घटनाएँ  दर्ज की गईं हैं -देश भर में हर घंटे 55 दुर्घटनाएँ  होती हैं; प्रति 3.5 दुर्घटनाओं में एक मौत की औसत से 137,572 व्यक्ति इन दुर्घटनाओं में मारे गए थे।

 

भारत का सड़क तंत्र दुनिया के सबसे घातक सड़क तंत्रो में से एक है। 4.9 मिलियन किमी के विस्तार के साथ यहाँ  हर घंटे 15 व्यक्तियों की मृत्यु होती है। विश्व स्तर पर देखें तो चीन (वार्षिक 70,134  मौतें) में आठ व्यक्तियों की मृत्यु रिपोर्ट होती है  , ब्राजील में (वार्षिक 36,499 मौतें) चार लोगों की मृत्यु , ब्रिटेन में कम से कम एक व्यक्ति (वार्षिक 1,905 मौतें) और अमेरिका में (वार्षिक 32,885 मौतें ) चार व्यक्तियों की मृत्यु होती है।

 

छवि आभार : फ्लिकर

 

________________________________________________________________________________________________________________

 

“क्या आपको यह लेख पसंद आया ?” Indiaspend.org एक गैर लाभकारी संस्था है, और हम अपने इस जनहित पत्रकारिता प्रयासों की सफलता के लिए आप जैसे पाठकों पर निर्भर करते हैं। कृपया अपना अनुदान दें :

Views
894

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *