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भारतीय सेवाओं के आसमान छूते लाभ

इंडिया स्पेंड टीम,

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पहली बार 1994 में शुरू किया गए  सेवा कर से कर संग्रह, वित्तीय वर्ष 2014-15 में पहली बार सीमा शुल्क और उत्पाद शुल्क को पार कर जाएगा जो की भारत की अर्थव्यवस्था में  सेवाओं के बढ़ते महत्व का एक संकेत है  ।

 

सेवा कर की तुलना में उससे अधिक योगदान देने वाले  केवल दो ही कर मद हैं,  कॉर्पोरेट टैक्स और आयकर ।

 

यहाँ कर संग्रह के पिछले 10 साल के आंकड़ों पर एक नजर डालते हैं:

 

विभिन्न मदों के तहत टैक्स संग्रह, वित्तीय वर्ष 2006-वित्त वर्ष 2015 (रु ‘000 करोड़ )

 

Source: Budget 2015; *Figures for FY 2014 are revised and those for FY 2015 are estimated

 

वर्ष 2005-06 में करीब 23,000 करोड़ रुपये के  मामूली आधार से, सेवा-कर संग्रह वित्त वर्ष 2014-15 में 830%  तक या 215,973 करोड़ रुपये के आसमान छूते उच्च स्तर तक जाने की उम्मीद है।

 

पिछले 10 वर्षों में कर संग्रह में पूर्ण रूप से, वृद्धि हुई है। केंद्र सरकार को शुद्ध कर राजस्व में, वर्ष 2005-06 के   270,264 करोड़ रुपये से वर्ष 2014-15 में  977,258 करोड़ रुपये तक यानि उसमे 260% तक की  वृद्धि होने की उम्मीद है।

 

तो, सर्विस टैक्स(सेवा कर) क्या है?

 

सर्विस टैक्स महानिदेशालय द्वारा उपलब्ध कराई गई जानकारी के अनुसार यह सरकारी परिभाषा है: ”  वित्त अधिनियम,1994  के तहत सेवा कर केंद्र सरकार द्वारा निर्दिष्ट कुछ सेवाओं के लेन-देन पर एक कर है, यह एक अप्रत्यक्ष कर है ( उत्पाद या  बिक्री कर जैसा)  जिसका मतलब है कि सामान्य रूप से सेवा प्रदाता यह  कर देता है और  कर योग्य सेवा के प्राप्तकर्ता से यह कर राशि  ले लेता है । ”

 

सरल भाषा में, सेवा कर प्रदान की गई सेवाओं के लिए ग्राहक से एकत्रित  राशि का एक प्रतिशत है। सेवाओं के कुछ  उदाहरण हैं जैसे आतिथ्य, यात्रा और निर्माण।

 

सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के प्रतिशत के रूप में सेवाएं वर्ष 2000-01 में 50% से बढ़ कर 2013-14 में लगभग 60% तक हो गई हैं ।  सेवाओं का  वास्तविक मूल्य (2004-05 की स्थिर कीमतों के अनुसार ) वर्ष 2004-05 में 1,576,255 करोड़ रुपये से बढ़कर वर्ष   2013-14 में  3,441,017 करोड़ रुपये हो गया है।

 

सेवाओं के मूल्य, वित्तीय वर्ष 2005-वित्त वर्ष 2014 (रुपए ‘000 करोड़,  वित्तीय वर्ष 2005 के स्थिर मूल्यों पर)

 

graph1

 

सेवाएं, सकल घरेलू उत्पाद के प्रतिशत  %  के रूप में,  वित्त वर्ष 2005-वित्त वर्ष 2014 

 

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सेवाओं की साल -दर-साल विकास दर, वित्त वर्ष 2005-वित्त वर्ष 2014 (%)

 

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Source: Planning Commission

 

वर्तमान सेवा कर की दर 12% है। 2%  अतिरिक्त शिक्षा उपकर और 1% वरिष्ठ और उच्च शिक्षा उपकर के साथ, प्रभावी सेवा कर की दर अब 12.36% तक हो चुकी  है।

 

जब  पहली बार तत्कालीन वित्त मंत्री मनमोहन सिंह द्वारा 1994 में यह शुरू किया गया था , सेवा-कर संग्रह 407 करोड़ रुपये था । 2012 की शुरआत से , नकारात्मक सूची में निर्दिष्ट सेवाओं के छोड़कर सभी सेवाओं को सेवा कर के अधीन लाया गया । नकारात्मक सूची में सरकार द्वारा प्रदान की गई सेवाएँ , भारतीय रिजर्व बैंक, भारत में विदेशी राजनयिक मिशन द्वारा प्रदान की गई सेवाएँ और कृषि से संबंधित सेवाएँ शामिल हैं।

 
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