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व्यापम भी सीबीआई के 6,562 लंबित मामलों में से एक

चैतन्य मल्लापुर,

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सुप्रीम कोर्ट ने व्यापम घोटाले को भले ही सीबीआई को सौंप देने का आदेश दे दिया हो लेकिन क्या सीबीआई इस मामले को सुलझाने में कम समय लेगी? सवाल और शंका इसलिए क्योंकि सीबीआई के पास पहले से ही भ्रष्टाचार से जुड़े 6,562 मामले लंबित पड़े हैं।

 

व्यापम घोटाले का केस सीबीआई को सौंप दिया गया है। यानि आठ साल पुराने इस केस के तहत हज़ारों संदिग्धो और गवाहों की जांच सीबीआई द्वारा की जाएगी। गौरतलब है कि सरकारी नौकरी और मेडिकल कॉलेज में प्रवेश के इस फर्जीवाड़े का सबसे पहले खुलासा साल 2007 में किया गया था। पूरी पड़ताल के बाद ही चार्जशीट दायर की जाएगी और उसकी बाद ही मामले की सुनवाई कोर्ट में होगी।

 

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान पर इस केस को सीबीआई को सौंपने का भारी दबाव था। 2013 में इस घोटले की जांच शुरु की गई थी और जांच शुरु होने के बाद से अब तक घोटले से जुड़े करीब 35 लोगों की मौत का मामला सामने आ चुका है। व्यापम के तहत सरकारी नौकरियों और मेडिकल कॉलेजों में दाखिले के लिए एक बहुत बड़ा फर्जीवाड़ाहुआ है।

 

व्यापम घोटले जांच के तहत अब तक कम से कम 2,500 लोगों को आरोपीबनाया जा चुका है जबकि 1,900 लोग जेल के भीतर हैं। मामले की जांचमध्य प्रदेश उच्च न्यायालय की निगरानी मेंचलरहा है। सीबीआई कोर्ट में पहले ही कई लंबित केस की जांच एवं सुनवाई चल रही है। ऐसे में सीबीआई के लिए व्यापाम केस निश्चित रुप से एक चुनौती है।

 

मार्च 2014 में सरकार द्वारा जारी किए गए ताजा रिपोर्ट के अनुसार पिछले चार सालों में सीबीआई के केस लोड में 9 फीसदी की कमी आई है। साल 2011 में सीबीआई के पास 7,178  केस लंबित थे जबकि 2014 लंबित मामलों की संख्या 6,562 देखी गई है।

 

Source: Lok Sabha

 

कोर्ट में भ्रष्टाचार के लंबित केस के मामले में दिल्ली सबसे उपर है। आकंड़ों के मुताबिक दिल्ली में 765 भ्रष्टाचार के लंबित केस हैं। दिल्ली के बाद दूसरा स्थान 691 लंबित केस के साथ महाराष्ट्र का है। 646 लंबित मामलों के साथ पश्चिम बंगाल तीसरे स्थान पर है। वहीं 596 केस के साथ उत्तर प्रदेश चौथे एवं 474लंबित केस के साथ तमिलनाडु पांचवें स्थान है।

 

Source: Lok Sabha

 

पिछले चार सालों में सीबीआई ने भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम, 1988 के तहत 2,220 मामले दर्ज किए हैं। दर्ज मामलों में से सीबीआई ने लगभग 1,512 मामलों की जांच पूरी कर ली है जबकि 708 मामलों की पड़ताल होनी अभी बाकी है।

 

राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो के ताजा आंकड़ों के अनुसार, साल 2013 के दौरान सीबीआई कोर्ट में भ्रष्टाचार संबंधी मामलों सजा की दर 69फीसदी है।

 

हाई प्रोफाइल मामलों में धीमी प्रगति

 

व्यापम घोटाले में बड़े सरकारी अधिकारियों एवं मंत्रियों के नाम शामिल होने से निश्चित रुप से यह एक हाई प्रोफाइल मामला बन गया है।

 

इस मामले में मध्य प्रदेश के राज्यपाल, राम नरेश यादव का भी नाम शामिल होने का आरोप है। राम नरेश यादव को पद से हटाने के लिए भीसुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई है। मामले के एक आरोपी ने केन्द्रीय मंत्री उमा भारती के खिलाफ भी पुलिस में शिकायत दर्ज की है। उमा भारती पर भी इस घोटाले में शामिल होने का आरोप है।

 

पिछले चार सालों में सीबीआई ने कुल 45 मामले केंद्रीय सरकार के मंत्रियों , संसद के सदस्यों एवं पूर्व मंत्रियों के खिलाफ दर्ज किया है।

 

सरकारी आकंड़ों के अनुसार 25 मामलों पर कोर्ट में सुनवाई चल रही है जबकि 12 मामलों की पड़ताल जारी है। 5 अन्य मामले सीबीआई द्वारा बंद किए जा चुके हैं। जबकि एक मामले में सीबीआई एजेंसी ने कोर्ट के ऑर्डर के खिलाफ अपील की है।

 

मामला सुप्रीम कोर्ट के हवाले

 

गुरुवार को मुख्य न्यायाधीश एच एल दत्तू की अगुवाई वाली पीठव्यापाम मामले संबंधित पांच याचिकाओं पर सुनवाई की गई। इन पांच याचिकाओं में कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह और आम आदमी पार्टी के नेता कुमार विश्वास द्वारा दायर की गई याचिका भी शामिल थीं। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले से जुड़ी सभी कथित मौतों की जांच सीबीआई से कराने का आदेश दिया है।

 

व्यापम मध्य प्रदेश राज्य सरकार की एक स्व- वित्तपोषित , स्वायत्त निकाय है जो व्यावसायिक पाठ्यक्रमों के लिए प्रतियोगी प्रवेश परीक्षाओं का आयोजन कराती है। इसकी वेबसाइट कहती है कि इस तरह की संस्था पूरे देश में अकेला ही है।

 

पिछले छह सालों में व्यापम द्वारा आयोजित प्रवेश परीक्षा में 7 मिलियन उम्मीदवार शामिल हुए हैं।

 

Year Appeared No. of Tests/Exams
2009 3,22,197 16
2010 4,97,449 16
2011 6,02,273 23
2012 31,76,874 36
2013 17,76,578 27
2014 8,05,175 15

Source: Madhya Pradesh Professional Examination Board

 

रिश्वतखोरी के इस कांड में सबसे पहल मौत 2009 में हुई थी जब पुलिस ने एक मेडिकल छात्र कोबिचौलिया होने का आरोप लगाया था और फिर एक के बाद एक घोटाले की परतें खुलने लगीं।

 

व्यापम घोटाले से संबंधित करीब 500 लोग लापाता हैं।

 

( मल्लापुर इंडियास्पेंडके साथ नीति विश्लेषक है। )
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