Home » नवीनतम रिपोर्ट » सर्वोच्च 10 नई योजनाएं विस्तार से

सर्वोच्च 10 नई योजनाएं विस्तार से

अभीत सिंह सेठी,

cover

 

वित्त मंत्री अरुण जेटली द्वारा प्रस्तुत केंद्रीय बजट 2015 में कई क्षेत्रों में नई योजनाओं की शुरुआत का ज़िक्र आया है।

 

सूची की में सबसे ऊपर 20,000 करोड़ रुपये के शुरूआती कोष और 3,000 करोड़ रुपये के  ऋण गारंटी कोष के साथ  सूक्ष्म इकाई विकास पुनर्वित्त एजेंसी (माइक्रो यूनिट्स डेवलपमेंट एंड रिफाइनेंस एजेंसी अर्थात मुद्रा) बैंक है।  । मुद्रा(एमयुआरडीए) बैंक, प्राथमिक रूप से प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (प्रधानमंत्री की माइक्रो इकाइ विकास कार्यक्रम) द्वारा संचालित अनुसूचित जाति / जनजाति उद्योगों के लिए ऋण देने  के लिए एक  वित्त एजेंसी के रूप में कार्य करेगा।

 

राष्ट्रीय निवेश और इन्फ्रास्ट्रक्चर फंड (एनआईआईएफ) में अवसंरचना निवेश को प्रोत्साहन देने के लिए  20,000 करोड़ रुपये उपलब्ध कराए जाएंगे।

 

प्रधान मंत्री कृषि सिंचाई योजना (प्रधान मंत्री का सिंचाई कार्यक्रम ) के लिए 1,800 करोड़ रूपये आवंटित किए गए हैं । यह कार्यक्रम सूक्ष्म -सिंचाई और जलसंभारण विकास को सहायता प्रदान करेगा । साथ ही यह कृषि और सहकारी विभाग के अधीन ‘प्रति बूंद अधिक कृषि कार्यक्रम’ को भी कवर करेगा ।

 

कृषि के लिए एक और महत्वपूर्ण योजना, परम्परागत कृषि विकास योजना (पारंपरिक खेती सुधार कार्यक्रम) है जिसके लिए 300 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं ।

 

नवगठित कौशल विकास मंत्रालय के लिए 1,500 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। (इंडिया स्पेंड का लेख देखें )

 

पेंशन और बीमा पर ध्यान देते हुए कई नई योजनाएँ  आरंभ  की गई हैं ।

 

Sr. No. Programme Name Sector Allocation
1 Micro Units Development Refinance Agency (MUDRA) Bank Industry 20000
2 National Investment and Infrastructure Fund (NIIF) Infrastructure 20000
3 Pradhan Mantri Krishi Sinchai Yojana Agriculture 1800
4 Kaushal Vikas Yojana Skill Development 1500
5 Self-Employment and Talent Utilization Planning 1000
6 Paramparagat Krishi Vikas Yojana Agriculture 300
7 Van Bandhu Kalyan Yojana Tribal Affairs 200
8 Atal Innovation Mission (AIM) Planning 150
9 Rashtriya Swasthya Bima Yojana Health 100
10 Pravasi Kaushal Vikas Yojana Overseas Indians 20

Source: Union Budget, 2015; Figures in Rs crore

 

_____________________________________________________________________________

 

“क्या आपको यह लेख पसंद आया ?” Indiaspend.org एक गैर लाभकारी संस्था है, और हम अपने इस जनहित पत्रकारिता प्रयासों की सफलता के लिए आप जैसे पाठकों पर निर्भर करते हैं। कृपया अपना अनुदान दें :

Views
4486

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *