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भारतीयों का सोने के प्रति आकर्षण -और सरकार की चिंता

स्टाफ लेखक द्वारा ,

gold620

REUTERS/Rupak De Chowdhuri

 

सोने के लिए भारत का सम्मोहन विश्व में सोने की मांग को प्रभावित करता रहा है, गत वर्ष अक्टूबर में आयात 25 टन था जो  इस साल उसी अवधि में 148 टन तक बढ़ा। सरकार चिंतित है कि  यह मांग गत वर्ष की 975 टन की मांग के स्तर को छू सकता है और चालू खाता स्थिति को देखते हुए वह  इसके आयात  पर रोक लगाने के लिए योजना बना रही है ।

 

व्यापार की निगरानी के लिए बनी वैश्विक एजेंसी, विश्व स्वर्ण परिषद (World Gold Council), के अनुसार उसे भारत द्वारा इस वर्ष 850-950 टन  के आसपास आयात करने की  उम्मीद है जो की  पिछले साल के स्तर 975 टन के मुकाबले अधितम् 13% कम  है  ।

 

 

सोने का आयात 2010 में 1006 टन के सर्वोच्च आकंड़े को छू गया है-सोने के आयत आयात में  पिछले साल के स्तर 578 टन से 73% की वृद्धि हुई है। वर्ष 2013 सोने के आयातकों के लिए एक अच्छा साल था; भारतीयों ने लगभग 975 टन सोना खरीदा, जो कि 13% अधिक था ।

 

पिछले साल, सरकार ने चालू खाते के घाटे को काबू करने के लिए सोने के आयात शुल्क में 10 % वृद्धि की । सरकार ने अनुमान लगते हुए सोने के आयात पर यह प्रतिबंध भी लगाया कि  नामित एजेंसीज़ इसी शर्त पर सोना आयात  कर सकती हैं कि आयात हुए सोने का 20% भाग निर्यात किया जाएगा। इस योजना में जिसे 80:20 योजना भी कहा जाता है, इस वर्ष मई में खास और प्रमुख निर्यात घरानों को भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा सोने के आयात में कुछ  राहत दी गई ।

 

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  1. Chandragupta Acharya Reply

    November 17, 2014 at 3:58 am

    None of these articles which have appeared recently in sections of the media state WHO EXACTLY is worried? Does the term ‘government is worried’ mean the Finance Minister? Or any particular babu or the RBI governor or someone else? Has any of them issued a statement on this issue? Until this is clear, it lacks credibility. The data may be correct, but views have to be taken with a fistful of salt!

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